कार में मिले विस्फोटक की जांच करेगी NIA, 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद

टोंक में कार से बरामद 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट मामले में अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एंट्री हो चुकी है। गुरुवार को एनआईए की टीम टोंक पहुंची और गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ शुरू की।

डीएसटी ने दो आरोपियों को किया था गिरफ्तार

जानकारी के अनुसार, डीएसटी टीम ने बुधवार को बरौनी थाना क्षेत्र के चिरौंज गांव से दो आरोपियों सुरेंद्र और सुरेंद्र मोची को गिरफ्तार किया था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सामने आते ही सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर आ गईं।

IB और ATS ने भी की पूछताछ

बताया जा रहा है कि एनआईए के अलावा इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और एटीएस (ATS) की टीमों ने भी दोनों आरोपियों से पूछताछ की है। बुधवार रात आईबी की टीम थाने पहुंची थी, जबकि गुरुवार सुबह करीब 6 बजे जयपुर से एनआईए अधिकारियों की टीम बरौनी थाने पहुंची।

किस मकसद से लाया गया था विस्फोटक?

एनआईए यह जानने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में अमोनियम नाइट्रेट किस उद्देश्य से टोंक लाया गया था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या आरोपियों ने इससे पहले किसी अन्य शहर या व्यक्ति को विस्फोटक की सप्लाई की थी।
एक एंगल यह भी है कि टोंक की पहाड़ियों में होने वाले अवैध खनन में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया जाता है। इस संभावना को ध्यान में रखते हुए भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

कार से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री जब्त

डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा ने बताया था कि आरोपी बूंदी से 150 किलो अमोनियम नाइट्रेट लेकर आए थे, जिसे टोंक में सप्लाई किया जाना था। विस्फोटक को चार यूरिया खाद के कट्टों में छिपाकर कार में ले जाया जा रहा था।
कार की तलाशी में अमोनियम नाइट्रेट के साथ 200 डेंजर एक्सप्लोसिव कार्टेज, सेफ्टी फ्यूज वायर के 6 बंडल और करीब 1100 मीटर वायर भी बरामद किया गया है।

फिलहाल एनआईए, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे नेटवर्क और इसके संभावित इस्तेमाल को लेकर हर पहलू से जांच कर रही हैं।

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