सरकार ने हवाई किराए किए फिक्स: 500 किमी तक की उड़ान का अधिकतम किराया 7,500 रुपये

इंडिगो संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरलाइन को निर्देश दिया है कि रद्द उड़ानों का रिफंड रविवार शाम तक हर हाल में पूरा किया जाए और यात्रियों का छूटा हुआ सामान 48 घंटे के भीतर उनके पते पर पहुंचा दिया जाए। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यात्रियों से किसी भी तरह के रि-शेड्यूलिंग चार्जेस नहीं लिए जाएंगे। नियमों का पालन न करने पर तुरंत नियामक कार्रवाई की जाएगी।
इसी बीच, मंत्रालय ने सभी घरेलू एयरलाइंस के लिए हवाई किराए की अधिकतम सीमा तय कर दी है, ताकि इंडिगो संकट के बाद अन्य कंपनियों द्वारा किरायों में की गई मनमानी रोकी जा सके। नई अधिकतम किराया सीमा इस प्रकार है—
- 500 किमी तक: ₹7,500
- 500–1000 किमी: ₹12,000
- 1000–1500 किमी: ₹15,000
सरकार ने कहा कि कोई भी एयरलाइन इन निर्धारित किरायों से अधिक राशि नहीं वसूल सकती। मंत्रालय ने अपनी रेगुलेटरी पावर का इस्तेमाल करते हुए प्रभावित रूट्स पर किराए को “सही और वाजिब” रखने के निर्देश जारी किए हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए सरकार ने इंडिगो को डेडिकेटेड पैसेंजर सपोर्ट और रिफंड फैसिलिटेशन सेल्स स्थापित करने को कहा है। इन सेल्स का काम यात्रियों से सीधे संपर्क कर रिफंड, मुआवजा और ट्रैवल अरेंजमेंट से जुड़ी समस्याओं का समाधान करना होगा।
मंत्रालय ने निर्देश दिया कि मौजूदा यात्री अधिकार नियमों के तहत, जरूरत पड़ने पर मुआवजा भी प्रदान किया जाए। साथ ही, परिचालन सामान्य होने तक ऑटोमेटिक रिफंड सिस्टम सक्रिय रहेगा।





