टीएमसी पर भाजपा का आरोप: सस्पेंडेड विधायक को मंच देकर वोट बैंक साधने की रणनीति

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है कि वह बिना सीधे शामिल हुए मुस्लिम ध्रुवीकरण की राजनीति कर रही हैं और इसके लिए टीएमसी के निलंबित विधायक हुमायूं कबीर का उपयोग किया जा रहा है। विवाद तब तेज हुआ जब टीएमसी ने कबीर को उस बयान के बाद निलंबित किया, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि वे मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद का उद्घाटन करेंगे।
भाजपा का आरोप है कि कबीर पहले भी जनसंख्या आधारित बयान देकर विवाद खड़ा कर चुके थे, लेकिन टीएमसी ने तब कोई कार्रवाई नहीं की। पार्टी का कहना है कि सस्पेंशन में देरी राजनीतिक मंशा का संकेत है। भाजपा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए बंगाली कहावत “धोरी माछ ना छुई पानी” का हवाला दिया—अर्थात काम भी कराना और हाथ भी न गंदे करना।
भाजपा ने आरोप लगाया कि कबीर के समर्थकों ने बेलडांगा में बाबरी मस्जिद निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है और वे ईंटें लेकर पहुंचे थे। पार्टी का दावा है कि पुलिस उन्हें सुरक्षा दे रही है, जिससे क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव भड़कने का खतरा है।
भाजपा नेता अमित मालवीय ने कहा कि बेलडांगा संवेदनशील इलाका है और यहां किसी भी तरह की उकसाहट से हालात बिगड़ सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अस्थिरता बढ़ने पर NH-12 प्रभावित हो सकता है, जो उत्तर बंगाल की जीवनरेखा है। मालवीय ने आरोप लगाया कि कथित मस्जिद निर्माण एक राजनीतिक रणनीति है, जिसका उद्देश्य मतों का ध्रुवीकरण करके टीएमसी के वोट बैंक को मजबूत करना है।





