ED की शिकायत पर कार्रवाई, AJL को धोखाधड़ी से हासिल करने का आरोप

नेशनल हेराल्ड से जुड़े विवाद में बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने सोनिया गांधी, राहुल गांधी, छह अन्य व्यक्तियों और तीन कंपनियों—AJL, डोटेक्स मर्चेंडाइज और यंग इंडियन—के खिलाफ नई FIR दर्ज की है। इन सभी पर आरोप है कि एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) को धोखाधड़ी के जरिए हासिल किया गया।
क्या है आरोप?
शिकायत के अनुसार—
- 2010 में AJL के पास लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्तियां थीं।
- कोलकाता स्थित डोटेक्स मर्चेंडाइज ने यंग इंडियन को 1 करोड़ रुपये दिए।
- इसके बाद यंग इंडियन ने कांग्रेस को 50 लाख रुपये देकर AJL पर नियंत्रण हासिल कर लिया।
- यंग इंडियन में सोनिया गांधी और राहुल गांधी की 76% हिस्सेदारी है।
FIR ED की शिकायत के आधार पर दर्ज
FIR 3 अक्टूबर को ED की हेडक्वार्टर्स इन्वेस्टिगेशन यूनिट (HIU) की शिकायत पर दर्ज की गई थी।
ED ने अपनी 2008 से 2024 तक की जांच रिपोर्ट भी साझा की थी।
FIR की जानकारी अब 29 नवंबर को सार्वजनिक हुई।
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली पुलिस जल्द ही AJL के शेयरधारकों को तलब कर सकती है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या कांग्रेस ने कंपनी पर नियंत्रण लेने से पहले उनसे अनुमति ली थी।
कांग्रेस ने इस FIR को “राजनीतिक बदले की कार्रवाई” बताया है और कहा है कि उन्हें इसका आधिकारिक नोटिस नहीं मिला।
नेशनल हेराल्ड केस क्या है?
यह केस 2012 में तब शुरू हुआ जब BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने घाटे में चल रहे अखबार नेशनल हेराल्ड की संपत्तियों पर कब्जा करने के लिए—
- यंग इंडियन कंपनी बनाई,
- और उसके जरिए AJL का अवैध अधिग्रहण कर लिया।
स्वामी के अनुसार, AJL की दिल्ली स्थित ‘हेराल्ड हाउस’ बिल्डिंग और अन्य संपत्तियां करीब 2,000 करोड़ रुपये की थीं, जिन्हें सिर्फ 50 लाख रुपये देकर हासिल कर लिया गया।





