चुनाव आयोग ने बढ़ाई समयसीमा, मतदाता अब 11 दिसंबर तक कर सकेंगे संशोधन और वेरिफिकेशन

चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) की समयसीमा एक सप्ताह बढ़ा दी है। अब मतदाता जोड़ने–हटाने और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 11 दिसंबर 2024 तक चलेगी, जबकि पहले इसकी अंतिम तिथि 4 दिसंबर थी।
आयोग के अनुसार, नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 16 दिसंबर को जारी की जाएगी। पहले इसे 9 दिसंबर को प्रकाशित किया जाना था। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार फाइनल मतदाता सूची 14 फरवरी 2026 को जारी की जाएगी।
SIR क्या है और क्यों ज़रूरी है?
SIR के तहत राज्यों में मतदाता सूची का विस्तृत अद्यतन किया जाता है। इसमें—
- नए वोटरों के नाम जोड़े जाते हैं,
- गलत विवरण सुधारे जाते हैं,
- मृत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं।
यह प्रक्रिया 28 अक्टूबर से बिहार सहित कुल 12 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही है।
99.53% फॉर्म घर-घर तक पहुंचाए गए
चुनाव आयोग ने बताया कि 51 करोड़ मतदाताओं के लिए तैयार किए गए एन्यूमरेशन फॉर्म में से 99.53% फॉर्म लोगों तक पहुंच गए हैं, और इनमें से लगभग 79% फॉर्म का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है।
यानी BLO द्वारा भरे फॉर्म में दर्ज सभी नाम, पते और विवरण अब डिजिटल सिस्टम में अपलोड हो रहे हैं।
कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
इस बीच विपक्ष ने SIR प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि काम के दबाव में 20 दिनों में 26 BLOs की मौत हुई है, जिसे उन्होंने “दिनदहाड़े मर्डर” बताया।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के गोंडा में BLO विपिन यादव की मौत का जिक्र करते हुए दावा किया कि परिवार ने उन पर “पिछड़े वर्ग के वोटरों के नाम हटाने का दबाव” होने की बात कही थी।
सुप्रिया ने कहा—
“यह सिर्फ कहानी नहीं, देश के सामने एक कड़वा सच है। इतनी जल्दबाजी क्यों? यह वोट चोरी का सबसे ताकतवर तरीका है।”





