सरकार 50 साल पुरानी किसानों की जमीन लेना चाहती, पीड़ितों ने आंदोलन की चेतावनी दी

अलवर में करीब 51 साल पहले दलित और गरीब किसानों को आवंटित की गई जमीन अब रद्द करने का नोटिस दिया गया है। इसका विरोध करते हुए किसान बसपा के नेतृत्व में डॉ. भीमराव अंबेडकर सर्किल पर जुटे और चेतावनी दी कि नोटिस रद्द नहीं किए गए तो पूरे प्रदेश में आंदोलन होगा।
बसपा के जिलाध्यक्ष रामजीवन बौद्ध ने कहा कि 1974-75 में गरीब और दलित किसानों को संविधान के आर्टिकल 46 के तहत जमीन दी गई थी। अब प्रशासन नोटिस भेजकर जमीन वापस लेने की तैयारी कर रहा है।
पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्र कुमार ने बताया कि प्रशासन ने सात दिन का समय दिया है, जिसके बाद जमीन वापस लेने की कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने सरकार से मांग की कि आवंटित जमीन को खातेदारी में बदला जाए और अवैध कब्जे हटाए जाएँ।
किसान चेतावनी देते हैं कि अगर प्रशासन उनकी जमीन पर अवैध कब्जे या नोटिस को लेकर कार्रवाई करता है, तो बड़े आंदोलन की योजना बनाई जाएगी।





