गोल्ड ईटीएफ में अब नहीं कर पाएंगे नया निवेश? ICICI, कोटक समेत 7 फंड्स के फैसले से मची हलचल

त्योहारी सीजन के बीच सोने में निवेश करने वाले लोगों के लिए अहम खबर है। आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल, कोटक, एक्सिस, टाटा, आदित्य बिड़ला सन लाइफ, डीएसपी और इन्वेस्को समेत सात फंड हाउसों ने अपने गोल्ड फंड ऑफ फंड्स (FoF) में नए निवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। यह फैसला 16 अक्तूबर से लागू किया गया है। हालांकि, पहले से चल रही कुछ एसआईपी और एसटीपी जारी रह सकती हैं। वहीं, सीधे स्टॉक एक्सचेंज से गोल्ड ईटीएफ खरीदने का विकल्प खुला है।
गोल्ड फंड में किन निवेश विकल्पों पर लगी रोक?
फंड हाउसों ने अपने गोल्ड फंड ऑफ फंड्स में नए एकमुश्त निवेश, नई एसआईपी और एसटीपी रजिस्ट्रेशन के साथ ही दूसरे फंड से पैसा ट्रांसफर करके निवेश करने यानी स्विच-इन पर अस्थायी रोक लगाई है। कुछ फंड हाउसों ने टॉप-अप निवेश पर भी रोक लगाई है।
हालांकि, जिन निवेशकों की एसआईपी या एसटीपी पहले से चल रही है, उनकी किस्तें सामान्य रूप से जारी रह सकती हैं। इसके अलावा, निवेशकों को पैसा निकालने, स्विच-आउट करने या सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) के जरिए निकासी करने की सुविधा भी उपलब्ध है।
फंड हाउसों ने फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया है कि नए निवेश पर लगी रोक कब हटाई जाएगी।
अचानक क्यों लिया गया यह फैसला?
फंड हाउसों ने अपने नोटिस में रोक लगाने की कोई स्पष्ट आधिकारिक वजह नहीं बताई है। हालांकि, गोल्ड ईटीएफ में तेजी से बढ़ता निवेश और बाजार की परिस्थितियां इसके पीछे संभावित कारण मानी जा रही हैं।
1. गोल्ड ईटीएफ में रिकॉर्ड निवेश
एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर 2026 में गोल्ड ईटीएफ में 4,450.61 करोड़ रुपये का निवेश आया। यह अगस्त के मुकाबले करीब 71 फीसदी अधिक था। वहीं, जनवरी से सितंबर 2026 के बीच गोल्ड ईटीएफ में कुल 45,925 करोड़ रुपये का निवेश दर्ज किया गया, जो पूरे वर्ष 2025 के 42,961 करोड़ रुपये से ज्यादा है।
2. रुपये और वैश्विक बाजार का दबाव
डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव भी महत्वपूर्ण कारक हैं। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी निवेशकों की बिकवाली रुपये पर दबाव डाल सकती हैं। ऐसे माहौल में सोने की मांग और निवेश का बढ़ता प्रवाह फंड हाउसों के लिए प्रबंधन संबंधी चुनौतियां पैदा कर सकता है।
निवेशकों पर क्या होगा असर?
अगर आपकी एसआईपी पहले से चल रही है:
यदि आपके गोल्ड फंड ऑफ फंड्स में एसआईपी पहले से सक्रिय है, तो संबंधित फंड हाउस के नियमों और नोटिस के अनुसार किस्तें जारी रह सकती हैं। इसके लिए अपने फंड की आधिकारिक सूचना जरूर जांचें।
अगर आप नया निवेश करना चाहते हैं:
नए निवेश पर रोक वाले गोल्ड फंड ऑफ फंड्स में फिलहाल नया निवेश नहीं कर पाएंगे। हालांकि, आप डीमैट खाते के जरिए स्टॉक एक्सचेंज पर उपलब्ध गोल्ड ईटीएफ की यूनिट खरीदने के विकल्प पर विचार कर सकते हैं।
अगर आप अपना पैसा निकालना चाहते हैं:
नए निवेश पर रोक का मतलब यह नहीं है कि पुराना निवेश भी बंद हो गया है। खबर में दी गई जानकारी के मुताबिक, निकासी और स्विच-आउट की सुविधा जारी है। हालांकि, लेनदेन से पहले अपने फंड की शर्तें जरूर देख लें।
सीधे गोल्ड ईटीएफ खरीदने से पहले रखें ध्यान
स्टॉक एक्सचेंज पर गोल्ड ईटीएफ खरीदते समय केवल सोने की कीमत पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है। मांग और आपूर्ति के कारण ईटीएफ की बाजार कीमत उसके प्रति यूनिट सांकेतिक शुद्ध परिसंपत्ति मूल्य (iNAV) से ऊपर या नीचे हो सकती है।
इसलिए निवेश करने से पहले संबंधित एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) की वेबसाइट पर उपलब्ध iNAV और एक्सचेंज पर चल रही कीमत की तुलना करें। इसके साथ ही ब्रोकरेज शुल्क, बिड-आस्क स्प्रेड और फंड के खर्चों को भी ध्यान में रखें।
पोर्टफोलियो में कितना सोना रखना चाहिए?
वित्तीय विशेषज्ञों की सामान्य सलाह है कि सोने को केवल ज्यादा रिटर्न कमाने के साधन के रूप में न देखें। इसका इस्तेमाल शेयर और डेट जैसे दूसरे निवेश विकल्पों के साथ पोर्टफोलियो में विविधता लाने के लिए किया जा सकता है।
खबर में दी गई विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार, कुल निवेश पोर्टफोलियो का करीब 10 से 15 फीसदी हिस्सा सोने में रखने पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, सही अनुपात व्यक्ति के वित्तीय लक्ष्य, जोखिम उठाने की क्षमता और निवेश की अवधि पर निर्भर करता है।
निवेशकों के लिए अहम बात: गोल्ड फंड ऑफ फंड्स में नए निवेश पर अस्थायी रोक का मतलब यह नहीं है कि सोने में निवेश के सभी रास्ते बंद हो गए हैं। निवेश का विकल्प चुनने से पहले संबंधित फंड हाउस की ताजा घोषणा, बाजार भाव और अपने वित्तीय लक्ष्यों का आकलन जरूर करें।





