जिम मालिक प्रेमी के साथ मिलकर मौसा की हत्या, सिमरन की साजिश का खुलासा; जानें पूरी कहानी

दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-3 में बुजुर्ग राकेश खन्ना की हत्या के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में मृतक के परिवार की करीबी रिश्तेदार सिमरन, उसके प्रेमी हिमांशु और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हत्या लूट के इरादे से की गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सिमरन, जिम मालिक हिमांशु, उसके जिम में ट्रेनर चिराग और पारस के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सिमरन ने अपने प्रेमी हिमांशु के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी।
डिलीवरी बॉय बनकर घर में घुसने का था प्लान
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले डिलीवरी बॉय बनकर बुजुर्ग के घर में घुसने की योजना बनाई थी। आरोपी घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया। उन्होंने खुद को डिलीवरी बॉय बताते हुए सामान देने की बात कही।
राकेश खन्ना को शक हुआ तो उन्होंने दरवाजा नहीं खोला और आरोपियों से अपने मोबाइल पर फोन कर सामान की पुष्टि करने को कहा। आरोपियों ने फोन नहीं किया, जिसके बाद उनकी पहली योजना विफल हो गई।
रिश्तेदारी का फायदा उठाकर खुलवाया गेट
पहली योजना नाकाम होने के बाद सिमरन ने अपनी रिश्तेदारी का फायदा उठाया। उसने बुजुर्ग से गेट खुलवा दिया। इसके बाद सिमरन और हिमांशु बाहर ही खड़े रहे, जबकि पारस और चिराग घर के अंदर गए।
पुलिस के अनुसार, घर में घुसते ही चिराग ने राकेश खन्ना का मुंह दबा दिया, जिससे दम घुटने के कारण उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी घर में गहने और नकदी तलाशने लगे।
परिजनों के पहुंचते ही भागे आरोपी
आरोपी घर में सामान तलाश ही रहे थे कि बुजुर्ग की पत्नी और उनकी दो बहनें ऑटो से वहां पहुंच गईं। परिजनों को घर के पास देखकर सिमरन और हिमांशु ने अंदर मौजूद पारस और चिराग को भागने का इशारा किया।
इसके बाद आरोपी करीब डेढ़ लाख रुपये नकद और करीब चार लाख रुपये की ज्वेलरी लेकर फरार हो गए।
80 लाख में मकान बेचने की जानकारी थी
पुलिस के मुताबिक, सिमरन को जानकारी थी कि राकेश खन्ना ने हाल ही में अपना मकान करीब 80 लाख रुपये में बेचा था। इसके बाद उन्होंने बड़ी मात्रा में ज्वेलरी खरीदी थी और उसे घर में रखा था। आरोपियों की नजर इसी ज्वेलरी पर थी।
पुलिस के अनुसार, सिमरन इस लूट के पैसे से अपने प्रेमी हिमांशु के साथ ऐशो-आराम की जिंदगी जीना चाहती थी।
जन्माष्टमी मेले में भेजा था परिवार
जांच में यह भी सामने आया कि वारदात से पहले सिमरन अपनी मां, बुजुर्ग की पत्नी और तीसरी मौसी को जन्माष्टमी के मेले में लेकर गई थी। वहां उन्हें छोड़कर वह जल्दी वापस आ गई और अपने साथियों के साथ वारदात को अंजाम दिया।
ढाई घंटे में चारों आरोपी गिरफ्तार
रोहिणी साउथ थाना पुलिस ने डीसीपी शशांक जायसवाल की देखरेख में कार्रवाई करते हुए वारदात के करीब ढाई घंटे के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी और ज्वेलरी बरामद करने की बात कही है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के हाथ करीब चार लाख रुपये की ज्वेलरी लगी थी। बाकी ज्वेलरी राकेश खन्ना ने पहले ही कहीं छिपा रखी थी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।





