भारत-अफगानिस्तान मुकाबला: फिट खिलाड़ियों की मौजूदगी में अनफिट प्लेयर्स का चयन क्यों? समझें पूरा मामला

भारत और अफगानिस्तान के बीच होने वाली तीन मैचों की टी20 सीरीज के लिए बीसीसीआई ने 15 सदस्यीय भारतीय टीम का एलान कर दिया है। श्रेयस अय्यर को टीम की कमान सौंपी गई है, जबकि तिलक वर्मा उपकप्तान बनाए गए हैं। हालांकि, टीम में शामिल चार खिलाड़ियों की उपलब्धता अभी फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर है।
इन खिलाड़ियों में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर और नीतीश कुमार रेड्डी शामिल हैं। बीसीसीआई ने टीम सूची में इन सभी के नाम के साथ स्पष्ट रूप से ‘फिटनेस क्लीयरेंस के अधीन’ लिखा है।
विकल्प होने के बावजूद इन खिलाड़ियों को क्यों चुना गया?
चारों खिलाड़ी पहले चोट और फिटनेस से जुड़ी परेशानियों का सामना कर चुके हैं। ऐसे में उन्हें टीम में शामिल करने के बाद फिटनेस क्लीयरेंस का इंतजार करने के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, किसी महत्वपूर्ण खिलाड़ी को टीम में चुनकर उसकी फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार करना अपने आप में असामान्य नहीं है।
फिटनेस टेस्ट पास करना और मैच के लिए पूरी तरह तैयार होना अलग-अलग बातें हैं। लंबे ब्रेक के बाद सीधे टी20 मैच में उतरना खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में चयनकर्ताओं के पास उपलब्ध अन्य खिलाड़ियों को मौका देने का विकल्प भी था।
इन खिलाड़ियों को मिल सकता था मौका
तेज गेंदबाजी में बुमराह के विकल्प के तौर पर भुवनेश्वर कुमार, मोहम्मद सिराज या मयंक यादव पर विचार किया जा सकता था। वाशिंगटन सुंदर की जगह क्रुणाल पांड्या को मौका देने का विकल्प मौजूद था।
इसी तरह नीतीश कुमार रेड्डी की जगह सिराज या मयंक यादव को टीम में शामिल किया जा सकता था। हर्षित राणा की जगह युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में आजमाने का विकल्प भी था।
सिर्फ अफगानिस्तान सीरीज तक सीमित नहीं है चयन
इस चयन को केवल तीन मैचों की सीरीज के नजरिए से देखना पूरी तस्वीर नहीं बताता। यही 15 सदस्यीय टीम जापान में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भी इस्तेमाल की जानी है। ऐसे में माना जा रहा है कि चयनकर्ता अपने प्रमुख खिलाड़ियों को एक ही समूह में बनाए रखना चाहते हैं, ताकि आगामी टूर्नामेंट के लिए टीम संयोजन तैयार किया जा सके।
हालांकि, बुमराह जैसे अनुभवी खिलाड़ी की मौजूदगी टीम के लिए फायदेमंद है, लेकिन उनकी फिटनेस को लेकर जोखिम भी अहम है। अब यह देखना होगा कि फिटनेस क्लीयरेंस मिलने के बाद ये खिलाड़ी तुरंत मैच खेलने के लिए तैयार होते हैं या टीम प्रबंधन उन्हें धीरे-धीरे मैदान पर उतारता है।
बीसीसीआई के फैसले की असली परीक्षा
फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की फिटनेस को नजरअंदाज किया है। बोर्ड ने चारों खिलाड़ियों की फिटनेस को लेकर शर्त पहले ही स्पष्ट कर दी है। हालांकि, सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि टीम के पास वैकल्पिक खिलाड़ी मौजूद थे।
अब सबकी नजर बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की फिटनेस रिपोर्ट पर रहेगी। अगर चारों खिलाड़ी फिट घोषित होकर मैदान पर उतरते हैं और किसी परेशानी का सामना नहीं करते, तो चयन समिति का फैसला सही साबित हो सकता है। वहीं, फिटनेस समस्या दोबारा सामने आने पर चयन को लेकर सवाल और तेज हो सकते हैं।
भारत-अफगानिस्तान टी20 सीरीज का कार्यक्रम
- पहला टी20: 13 सितंबर
- दूसरा टी20: 15 सितंबर
- तीसरा टी20: 17 सितंबर
तीनों मुकाबले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले जाएंगे।





