यूपी चुनाव से पहले मायावती का सियासी दांव: अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा, कांग्रेस-आरएसएस पर हमला

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती ने एक बार फिर साफ किया है कि उनकी पार्टी देश में होने वाले सभी छोटे-बड़े चुनाव अकेले लड़ेगी। गुरुवार को देशभर के पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में उन्होंने कहा कि बसपा किसी अन्य दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

मायावती ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसे दलित और आंबेडकर विरोधी पार्टी बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास किसी से छिपा नहीं है। उनके इस रुख से उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावनाओं को झटका लगा है।

आरएसएस पर भी मायावती ने साधा निशाना

मायावती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के अमेरिका दौरे के दौरान भारत की अनेकता में एकता से जुड़े बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि बहुजन समाज के हितों, आरक्षण के संवैधानिक अधिकार और महिलाओं, मुस्लिमों तथा अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा जैसे मामलों में आरएसएस की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।

उन्होंने कहा कि इसी वजह से संगठन के प्रति विश्वसनीयता का अभाव है। मायावती ने आरएसएस से डॉ. भीमराव आंबेडकर के मानवतावादी संविधान में आस्था और निष्ठा रखने तथा उस पर ईमानदारी से अमल करने की अपील की।

‘बसपा लगातार संघर्ष कर रही’

मायावती ने कहा कि देश से गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा जैसी समस्याओं को दूर कर विकास की दिशा में आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बसपा की स्थापना भी इसी उद्देश्य से हुई थी और पार्टी सत्ता में रहने या विपक्ष में रहने के बावजूद इसके लिए लगातार संघर्ष कर रही है।

जेन-जी और जेन-अल्फा की समस्याओं पर चिंता

बसपा प्रमुख ने जेन-जी और जेन-अल्फा की समस्याओं को भी गंभीरता से लेने की बात कही। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को इन मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।

दुनिया के कई हिस्सों में जारी युद्ध का जिक्र करते हुए मायावती ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक हालात और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए भारत की रणनीति मजबूत होनी चाहिए। उन्होंने देश में बढ़ती महंगाई और प्राकृतिक आपदाओं को भी चिंताजनक बताया।

पार्टी के लिए आर्थिक सहयोग मांगा

बैठक में मायावती ने पदाधिकारियों से पिछली बैठकों में दिए गए निर्देशों पर हुई प्रगति की रिपोर्ट ली और उन्हें निर्देशों का ईमानदारी व निष्ठा से पालन करने को कहा।

उन्होंने हर वर्ष की तरह अपने जन्मदिन पर पार्टी को आर्थिक सहयोग देने की अपील भी की, जिस पर पदाधिकारियों ने सहमति जताई।

मायावती ने आगामी 9 अक्तूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश में प्रदेश स्तर और अन्य राज्यों में जोन स्तर पर खुली संगोष्ठी आयोजित करने का निर्देश दिया। उन्होंने दिल्ली स्थित बहुजन समाज प्रेरणा स्थल पर श्रद्धा-सुमन अर्पित करने को भी कहा।

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