जमीन-मकान के लिए खूनी खेल: भाई को अगवा कर मार डाला, संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले में संपत्ति विवाद ने एक परिवार को खून से रंग दिया। भरतकूप थाना क्षेत्र के बैहार गांव में मकान और जमीन को लेकर चल रही रंजिश में सगे भाई पर अपने ही भाई की हत्या कराने का आरोप लगा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बेटे और उसके दो साथियों के साथ मिलकर पहले भाई का अपहरण किया और फिर जमीन के कागजों पर हस्ताक्षर कराने की कोशिश की। विरोध करने पर उसकी हत्या कर दी गई और शव को बोरे में भरकर झांसी के लहचूरा बांध में फेंक दिया गया।
मृतक की पहचान मनोज पाल (50) के रूप में हुई है। उसकी पत्नी ने पुलिस को बताया कि मनोज 19 अगस्त की सुबह ई-रिक्शा चलाने के लिए घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। बाद में उसका ई-रिक्शा एक ढाबे के पास मिला। लोगों ने बताया कि शाम के समय कुछ लोग उसे कार में बैठाकर अपने साथ ले गए थे।
पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में सामने आया कि अपहरण की घटना में मृतक का भाई अनिल, उसका बेटा हिमांशु और दो अन्य लोग कथित तौर पर शामिल थे। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना में इस्तेमाल की गई कार भी बरामद कर ली।
पुलिस जांच के मुताबिक, मनोज के पिता ने अपनी संपत्ति का बड़ा हिस्सा उसके नाम कर दिया था। इसी बात को लेकर आरोपी भाई लंबे समय से नाराज था और कथित तौर पर जमीन तथा मकान अपने नाम कराने का दबाव बना रहा था। कई बार पंचायत भी हुई, लेकिन विवाद का समाधान नहीं हुआ।
बताया जा रहा है कि अपहरण के बाद आरोपियों ने मनोज को जमीन से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया। मनोज के इनकार करने पर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को बोरे में भरकर झांसी के लहचूरा बांध में फेंक दिया गया, ताकि वारदात के सबूत मिटाए जा सकें।
इस सनसनीखेज मामले में सीसीटीवी फुटेज पुलिस के लिए अहम सुराग साबित हुई। पुलिस अब बांध में गोताखोरों की मदद से शव की तलाश कर रही है। वहीं, यह भी जांच की जा रही है कि अपहरण के बाद हत्या से पहले मनोज को कहां रखा गया था। मामले ने एक बार फिर संपत्ति विवाद में रिश्तों के टूटने और अपराध तक पहुंचने की भयावह तस्वीर सामने रख दी है।





