सीएम योगी का निर्देश: बरसात में खराब सड़कों की तुरंत हो मरम्मत, बारिश बाद कराया जाए नवीनीकरण

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बारिश और बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों को तत्काल आवागमन योग्य बनाने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि बरसात अभी जारी है, इसलिए फिलहाल खराब सड़कों की मरम्मत कर उन्हें मोटरेबल बनाया जाए। बरसात खत्म होने के बाद जरूरत के अनुसार इनका स्थायी नवीनीकरण कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी पर्व-त्योहारों में बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होगा। ऐसे में प्रमुख मार्गों पर लोगों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बारिश से क्षतिग्रस्त नए मार्गों का लगातार सर्वे कराने और पर्वों से पहले जरूरी मरम्मत व नवीनीकरण के काम पूरे करने के निर्देश दिए।
681 प्रमुख मार्गों पर विशेष फोकस
आगामी पर्वों को देखते हुए प्रदेश में 681 महत्वपूर्ण मार्ग चिन्हित किए गए हैं। इनमें गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, नवरात्रि, दीपावली, छठ पूजा और कार्तिक पूर्णिमा के दौरान अधिक आवागमन वाले मार्ग शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर गड्ढामुक्त और बेहतर स्थिति में रखने को कहा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि गड्ढामुक्ति अभियान केवल पैचवर्क तक सीमित नहीं रहना चाहिए। जहां तत्काल मरम्मत की जरूरत है, वहां पहले सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाए और बरसात के बाद जरूरत के मुताबिक स्थायी मरम्मत या नवीनीकरण कराया जाए।
4.36 लाख किमी सड़कों की समीक्षा
बैठक में बताया गया कि नौ विभागों के अधीन करीब 4.36 लाख किलोमीटर सड़कें हैं। मौजूदा गड्ढामुक्ति अभियान के तहत करीब 50 हजार किलोमीटर सड़कों को बेहतर करने का लक्ष्य है। इनमें से करीब 5,751 किलोमीटर मार्गों पर काम पूरा हो चुका है।
अतिवृष्टि के अलावा एक्सप्रेसवे, राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे की निर्माणाधीन परियोजनाओं के कारण भारी वाहनों की आवाजाही से भी कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं। इनका विभागवार सर्वे कराया जा रहा है।
स्कूल-अस्पताल और बाजार की सड़कें पहले सुधरें
मुख्यमंत्री ने शिक्षण संस्थानों, अस्पतालों, मुख्य बाजारों, सरकारी कार्यालयों और अधिक जन आवागमन वाले क्षेत्रों की सड़कों को प्राथमिकता पर सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से काम में तेजी के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने को भी कहा।
30 हजार किमी सड़कों के नवीनीकरण का लक्ष्य
नवीनीकरण और विशेष मरम्मत कार्यों की भी समीक्षा की गई। विभाग ने करीब 30 हजार किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण और करीब 5 हजार किलोमीटर सड़कों की विशेष मरम्मत का लक्ष्य रखा है। अब तक करीब 14 हजार किलोमीटर नवीनीकरण और 700 किलोमीटर विशेष मरम्मत का काम पूरा होने की जानकारी दी गई।





