मेडिकल स्टोर से मनाली तक की कहानी, गवाहों ने खोली सौरभ हत्याकांड की परतें; मुस्कान-साहिल को फांसी

उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। इस मामले में गवाहों के बयान, डिजिटल साक्ष्य और पुलिस की जांच अहम साबित हुए। अदालत ने 30 सितंबर 2026 को दोनों को दोषी करार दिया था, जिसके बाद बुधवार को सजा सुनाई गई।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, पुलिस ने 54 दिन की जांच के बाद करीब एक हजार पन्नों का आरोप-पत्र दाखिल किया था। मुकदमे के दौरान 22 गवाहों ने अदालत में अपने बयान दर्ज कराए। अभियोजन पक्ष ने इन्हीं बयानों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा।

भाई को हुआ शक, फिर दर्ज कराई शिकायत

मामले में सौरभ के बड़े भाई बबलू कुमार ने बताया कि सौरभ ने मुस्कान से प्रेम विवाह किया था। उनके अनुसार, सौरभ ने पहले अपनी पत्नी के साहिल शुक्ला से संबंध होने की बात कही थी और अपनी जान को खतरा भी बताया था।

बबलू के मुताबिक, सौरभ अपनी बेटी पीहू का जन्मदिन मनाने विदेश से मेरठ आया था। बाद में जब उससे संपर्क नहीं हो पाया तो उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद 18 मार्च 2025 को ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

नीले ड्रम से सामने आया हत्याकांड

पुलिसकर्मी बृजेश कुमार के बयान के अनुसार, ब्रह्मपुरी स्थित मकान में नीले ड्रम के अंदर शव मिलने की सूचना पर कार्रवाई की गई। जांच के दौरान मुस्कान और साहिल पर सौरभ की हत्या करने तथा शव के टुकड़े कर ड्रम में छिपाने के आरोप सामने आए।

मामले में ड्रम काटने वाले कारीगर अशोक कुमार ने अदालत को बताया कि पुलिस के बुलाने पर उसने मोर्चरी में ड्रम काटा था। उसके अनुसार, ड्रम के अंदर सीमेंट, तकिए के खोल, शव के हिस्से, उस्तरा और चाकू मिले थे। पंचनामा तैयार करने वाले दरोगा धर्मेंद्र कुमार ने भी शव के टुकड़े सीमेंट में जमे होने की बात कही।

पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक डॉ. दिनेश सिंह चौहान ने अपने बयान में बताया कि सौरभ के सिर और हाथ के पंजे धड़ से अलग थे। छाती पर धारदार हथियार से वार के तीन गहरे निशान थे। उन्होंने शरीर पर अन्य धारदार चोटों का भी उल्लेख किया।

चाकू, उस्तरा और नीला ड्रम खरीदने वाले बने अहम गवाह

अभियोजन पक्ष ने उन दुकानदारों के बयान भी पेश किए, जिनसे कथित तौर पर वारदात से जुड़े सामान खरीदे गए थे।

चाकू विक्रेता राकेश कुमार ने बताया कि एक लड़की फल और सब्जियां काटने के बहाने चाकू और उस्तरा खरीदने आई थी। बाद में समाचार पत्र में तस्वीर देखकर उसने लड़की की पहचान मुस्कान के रूप में की।

नीले ड्रम के विक्रेता सैफुद्दीन ने बताया कि मुस्कान और साहिल उसकी दुकान से अनाज रखने के बहाने 1200 लीटर का नीला प्लास्टिक ड्रम खरीदकर ई-रिक्शा से ले गए थे। वहीं, सीमेंट व्यापारी अक्षय शर्मा ने कहा कि एक युवक और युवती उसकी दुकान से बालू और सीमेंट खरीदकर ले गए थे। बाद में समाचारों के जरिए उसने दोनों की पहचान की।

मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने के बयान भी अहम

मामले की सुनवाई के दौरान दवाओं की खरीद से जुड़े गवाहों के बयान भी सामने आए। चिकित्सक डॉ. अरविंद कुमार देशवाल ने कहा कि मुस्कान उनके पास बुखार और कमजोरी की शिकायत लेकर आई थी और उन्होंने सामान्य दवाएं दी थीं। उनके अनुसार, उन्होंने पर्चे पर नशीली दवा नहीं लिखी थी।

दूसरी ओर, उषा मेडिकल स्टोर के संचालक अमित जोशी ने बताया कि एक लड़की डॉक्टर के पर्चे पर नशीली और अन्य दवाएं लेने आई थी। उन्होंने कहा कि बाद में तस्वीर देखकर उस लड़की की पहचान मुस्कान के रूप में की।

हत्या के बाद मनाली और कसोल घूमने जाने का बयान

मामले में कैब चालक अजब सिंह का बयान भी महत्वपूर्ण रहा। उसने बताया कि हत्या के बाद मुस्कान और साहिल उसकी कैब से कसोल, मनाली और मसूरी घूमने गए थे। उसके मुताबिक, दोनों खुद को पति-पत्नी बताते थे। 19 मार्च को अखबार में तस्वीर देखने के बाद उसे मामले की जानकारी हुई।

इसके अलावा, पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल के निरीक्षण, बरामदगी और जांच से संबंधित साक्ष्य अदालत में पेश किए। रिलायंस जियो के नोडल अधिकारी लोकेश कुमार ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिपोर्ट और टावर लोकेशन संबंधी डेटा को साक्ष्य के रूप में उपलब्ध कराने की जानकारी दी।

22 गवाहों के बयान और डिजिटल साक्ष्यों पर टिका अभियोजन पक्ष

अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस मामले में कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। इनमें मृतक के परिजन, पुलिसकर्मी, दुकानदार, चिकित्सक, कैब चालक और तकनीकी साक्ष्य उपलब्ध कराने वाले अधिकारी शामिल थे। इन बयानों के साथ डिजिटल और भौतिक साक्ष्य भी अदालत के सामने रखे गए।

जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया और बुधवार को मृत्युदंड की सजा सुनाई।

इस फैसले के साथ मेरठ के चर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण न्यायिक पड़ाव पूरा हुआ है।

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