यूपी: कानपुर देहात में मेडिकल छात्रों का प्रदर्शन, प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर मुख्य गेट पर धरना

उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात स्थित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में बुधवार को 100 से अधिक मेडिकल छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने प्राचार्य डॉ. अम्बरीश कुमार गुप्ता के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कॉलेज के मुख्य गेट पर धरना दिया। प्रदर्शनकारी छात्र अपना सामान लेकर गेट पर बैठ गए और कुछ वाहनों को भी रोक दिया। छात्रों ने प्राचार्य पर मारपीट करने और धमकी देने का आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की।
बैठक के दौरान मारपीट का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि बुधवार सुबह करीब 10 बजे प्राचार्य ने उन्हें बैठक के लिए बुलाया था। छात्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर गार्डों से पिटवाने और पुलिस बुलाकर गिरफ्तार कराने की धमकी दी गई।
इन आरोपों से नाराज छात्र अपना सामान लेकर कॉलेज के मुख्य गेट पर पहुंच गए और धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन सुबह 10 बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे के बाद भी जारी रहा। कॉलेज प्रशासन की ओर से छात्रों को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे।
कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग को बताया विवाद की वजह
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, पूरा मामला जूनियर छात्रों के साथ कथित रैगिंग से जुड़ा है। प्राचार्य डॉ. अम्बरीश कुमार गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रवेश लेने वाले छात्रों के साथ रैगिंग किए जाने की शिकायत अभिभावकों की ओर से मिली थी। इसके बाद मामले की जांच कराई गई।
प्राचार्य के मुताबिक, जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्हें 10 दिन के लिए निलंबित कर घर जाने को कहा गया था। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि इसी कार्रवाई से नाराज होकर छात्रों ने प्रदर्शन शुरू किया।
प्राचार्य बोले- छात्रों को समझाने का प्रयास जारी
प्राचार्य डॉ. अम्बरीश कुमार गुप्ता ने कहा कि छात्रों को अनुशासन और नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि रैगिंग की शिकायत मिलने के बाद जांच कराई गई और उसके आधार पर कार्रवाई की गई है। फिलहाल नाराज छात्रों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में रैगिंग की घटनाओं को रोकने के लिए छात्रों के अभिभावकों के साथ ऑनलाइन बैठक आयोजित की जाएगी।
इस्तीफे की मांग पर अड़े छात्र
प्रदर्शनकारी छात्र प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। वहीं, कॉलेज प्रशासन का कहना है कि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई रैगिंग की शिकायत की जांच के बाद की गई है।
फिलहाल दोनों पक्षों के बीच विवाद को सुलझाने के प्रयास जारी हैं। छात्रों द्वारा लगाए गए मारपीट और धमकी के आरोपों पर स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी सामने नहीं आई है।




