मनु भाकर ने पिता को साथ रखने की जताई इच्छा, नहीं मिली मंजूरी; सिंधू को मिली फिजियो की सुविधा

एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल की तैयारियों के बीच खिलाड़ियों के सपोर्ट स्टाफ को लेकर कई अहम फैसले हुए हैं। दो बार की ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर ने कोच जसपाल राणा के निधन के बाद मानसिक मजबूती के लिए अपने पिता रामकिशन भाकर को साथ रखने की मांग की थी, लेकिन उनके आग्रह को मंजूरी नहीं मिली।

वहीं, बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू की फिजियो हीरा मुंदलुरु को एशियाई खेलों के लिए भारतीय दल में शामिल कर लिया गया है। इसके अलावा कई खिलाड़ियों के निजी प्रशिक्षकों को भी अंतिम समय में सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बनाया गया है।

मनु भाकर को नहीं मिली पिता को साथ ले जाने की अनुमति

कोच जसपाल राणा के निधन के बाद मनु भाकर ने एशियाई खेलों में अपने पिता रामकिशन भाकर का साथ मांगा था। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने उन्हें मनु के निजी कोच के तौर पर नामित किया था, लेकिन खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी।

मनु के लिए यह एशियाई खेल खास हैं, क्योंकि वह अपने दिवंगत कोच जसपाल राणा के निधन के बाद पहली बार किसी बड़े टूर्नामेंट में उतरेंगी। ऐसे में उन्होंने मानसिक मजबूती के लिए पिता के साथ की इच्छा जताई थी।

सिंधू की फिजियो को मिली मंजूरी

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने अपनी फिजियो हीरा मुंदलुरु को एशियाई खेलों में साथ ले जाने की मांग की थी। बैडमिंटन महासंघ की ओर से उनका नाम नहीं भेजा गया था, लेकिन भारतीय खेल प्राधिकरण ने सिंधू की मांग को मंजूरी दे दी।

सिंधू की सपोर्ट टीम में फिजियो हीरा मुंदलुरु पहले से अहम भूमिका निभाती रही हैं। हाल के समय में सिंधू के प्रदर्शन और फिटनेस पर भी उनकी टीम ने विशेष ध्यान दिया है।

पहलवानों के साथ जाएंगे तीन विदेशी कोच

कुश्ती के लिए भी सपोर्ट स्टाफ में बदलाव किया गया है। जापान की महिला कोच कोसेई अकाइशी, रूस के ग्रीको-रोमन कोच गोगी कोगुआशविली और फ्रीस्टाइल कोच शाको बेंटिनिडिस को भारतीय दल में शामिल किया गया है।

पहले इन नामों को सूची में जगह नहीं मिली थी, लेकिन खेल मंत्रालय और साई के हस्तक्षेप के बाद इन्हें मंजूरी दी गई।

कई खिलाड़ियों के निजी कोचों को भी जगह

टेबल टेनिस खिलाड़ियों पायस जैन, सिंड्रेला दास और सुतीर्था मुखर्जी की मांग पर उनके निजी कोच सौम्यदीप रॉय को भी दल में शामिल किया गया है। लंबी कूद के खिलाड़ी शाहनवाज खान के कोच भूपिंदर सिंह और एंसी सोजन के कोच अनूप जोसेफ को भी जगह मिली है।

एथलेटिक्स दल के सपोर्ट स्टाफ में भी बढ़ोतरी हुई है। वहीं, भारतीय दल में खिलाड़ियों के अलावा बड़ी संख्या में कोच, फिजियो, डॉक्टर, वीडियो एनालिस्ट, मसाज थेरेपिस्ट और मनोवैज्ञानिक भी शामिल किए गए हैं।

अंजू बॉबी जॉर्ज को टीम लीडर बनाने की मांग मंजूर नहीं

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पूर्व स्टार एथलीट अंजू बॉबी जॉर्ज को टीम लीडर बनाने का प्रस्ताव भी मंजूर नहीं हुआ। खबर के मुताबिक, इसमें खेल मंत्रालय के नियम आड़े आए।

वहीं, जसपाल राणा की शिष्या रहीं निशानेबाज ईशा सिंह के पिता सचिन सिंह को भी निजी प्रशिक्षक के तौर पर एशियाई खेलों के दल में शामिल करने की अनुमति नहीं मिली।

खेल मंत्रालय ने एशियाई खेलों के लिए खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के चयन के संबंध में पहले से मानदंड तय किए हैं। मंत्रालय के अनुसार, सरकारी खर्च पर केवल मंजूर किए गए खिलाड़ी, कोच और सपोर्ट स्टाफ ही भारतीय दल का हिस्सा हो सकते हैं।

एशियाई खेल 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में आयोजित होंगे। भारत की नजर इस बार भी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन पर होगी।

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