ब्रिक्स के पहले दिन दिखी दोस्ती और सियासत की झलक: मोदी-पुतिन-जिनपिंग से लेकर योगी-धामी तक, देखें तस्वीरें

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन दिल्ली में कई ऐसे पल कैमरे में कैद हुए, जिन्होंने दुनियाभर का ध्यान खींचा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ नजर आए। तीनों नेताओं के बीच हंसी-मजाक और सहजता के दृश्य भी देखने को मिले। वहीं, ब्रिक्स नेताओं की परिवार की तस्वीर और संयुक्त रूप से पेड़ लगाने का कार्यक्रम भी खास रहा।
एक फ्रेम में दिखे मोदी, पुतिन और जिनपिंग
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ पुतिन और जिनपिंग की कई तस्वीरें सामने आईं। एक तस्वीर में तीनों नेता साथ खड़े नजर आए, जबकि दूसरी में ब्रिक्स के अन्य नेताओं के साथ परिवार की तस्वीर के लिए पोज देते दिखे। इस दौरान नेताओं के बीच हंसी-मजाक का माहौल भी नजर आया।
परिवार की तस्वीर के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने नेताओं को हाथ मिलाने का इशारा किया। देखते ही देखते कैमरे में कैद यह पल ब्रिक्स के मंच पर एकजुटता और सामूहिकता की तस्वीर बन गया।
संयुक्त रूप से पेड़ लगाने का कार्यक्रम
ब्रिक्स नेताओं ने भारत मंडपम में संयुक्त रूप से पेड़ लगाने के कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। पीएम मोदी के साथ शी जिनपिंग, व्लादिमीर पुतिन और अन्य ब्रिक्स नेता मौजूद रहे। इस कार्यक्रम ने सम्मेलन के दौरान सहयोग और साझा जिम्मेदारी का संदेश दिया।
भारत मंडपम में ब्रिक्स से जुड़ी गतिविधियों और ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी में भी नेताओं की मौजूदगी रही। इस दौरान मोदी, पुतिन और जिनपिंग की तस्वीरें भी सामने आईं।
रात्रिभोज के लिए एक साथ रवाना हुए मंत्री और मुख्यमंत्री
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल वैश्विक नेताओं के लिए रात्रिभोज का आयोजन भी किया गया। इसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत कई नेता शामिल हुए। विभिन्न राज्यों के मंत्री और मुख्यमंत्री भी भारत मंडपम के लिए रवाना हुए।
नई दिल्ली घोषणा में पश्चिम एशिया पर चिंता
सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली घोषणा 2026 को अपनाया। इसमें पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की गई। नागरिकों और नागरिक ढांचे की सुरक्षा, देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर भी जोर दिया गया।
घोषणा में बातचीत और कूटनीति के जरिए लंबे समय की समझ और क्षेत्र में स्थायी शांति, सुरक्षा व स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत बताई गई। वैश्विक व्यापार, सप्लाई चेन और ऊर्जा के सुचारू प्रवाह पर भी जोर दिया गया।
गाजा और फलस्तीन को लेकर भी साझा रुख
ब्रिक्स देशों ने गाजा पट्टी में युद्धविराम बनाए रखने और मानवीय सहायता को बिना रुकावट पहुंचाने की अपील की। घोषणा में संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों को लागू करने की जरूरत बताई गई।
इसके अलावा वैश्विक स्तर पर बढ़ते ध्रुवीकरण और अविश्वास का जिक्र करते हुए अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने पर जोर दिया गया।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग
नई दिल्ली घोषणा में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की जरूरत पर भी जोर दिया गया। इसमें कहा गया कि सुधार से ग्लोबल साउथ यानी विकासशील देशों की आवाज मजबूत होनी चाहिए।
चीन और रूस ने संयुक्त राष्ट्र में ब्राजील और भारत की बड़ी भूमिका की आकांक्षा का समर्थन दोहराया। भारत लंबे समय से वैश्विक संस्थाओं में विकासशील देशों की अधिक भागीदारी की मांग करता रहा है।
भारत की मेजबानी की हुई सराहना
ब्रिक्स देशों ने 18वें शिखर सम्मेलन के आउटरीच और ब्रिक्स प्लस संवाद सत्र की मेजबानी के लिए भारत की सराहना की। सम्मेलन की तस्वीरों में भारत मेजबान देश के रूप में केंद्र में दिखाई दिया।
मोदी-पुतिन-जिनपिंग की साथ खिंची तस्वीर, ब्रिक्स नेताओं की परिवार की तस्वीर और संयुक्त पेड़ लगाने का कार्यक्रम सम्मेलन के पहले दिन के प्रमुख दृश्य रहे। ये तस्वीरें ऐसे समय सामने आईं, जब अलग-अलग देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं, लेकिन ब्रिक्स के मंच पर संवाद और सहयोग का सिलसिला जारी है।





