दिल्ली की ऐतिहासिक धरोहरों का आज मुफ्त दीदार, विश्व पर्यटन दिवस पर सैलानियों को खास तोहफा

विश्व पर्यटन दिवस के मौके पर रविवार को दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा। पर्यटन को बढ़ावा देने और लोगों को राजधानी की समृद्ध ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए स्मारकों पर विभिन्न गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।

इस दौरान पर्यटकों को स्मारकों के इतिहास और उनके सांस्कृतिक महत्व की जानकारी दी जाएगी। साथ ही स्वच्छता और विरासत संरक्षण के प्रति जागरूक किया जाएगा। पर्यटकों से अपील की जाएगी कि वे स्मारक परिसरों में कूड़ा न फैलाएं और ऐतिहासिक इमारतों को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचाएं।

जिम्मेदार पर्यटन का दिया जाएगा संदेश

विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर रहेगा। लोगों को बताया जाएगा कि ऐतिहासिक स्मारक केवल घूमने-फिरने के स्थान नहीं हैं, बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना जरूरी है।

पुरानी दिल्ली की विरासत भी आकर्षण का केंद्र

दिल्ली की ऐतिहासिक पहचान केवल लाल किला, कुतुब मीनार और हुमायूं का मकबरा जैसे स्मारकों तक सीमित नहीं है। पुरानी दिल्ली के कई बाजार और इलाके भी शहर की सदियों पुरानी सांस्कृतिक और कारोबारी विरासत को दर्शाते हैं।

दरिबा कलां अपने चांदी के आभूषणों और इत्र की दुकानों के लिए जाना जाता है, जबकि किनारी बाजार में पारंपरिक जरी और गोटे का काम आज भी देखने को मिलता है। खारी बावली मसालों के पुराने कारोबार और दरियागंज पुरानी किताबों के बाजार के लिए प्रसिद्ध है।

हेरिटेज वॉक से जुड़े लोगों के मुताबिक, पर्यटकों में स्थानीय संस्कृति और पुरानी दिल्ली की अनकही कहानियों को जानने की रुचि बढ़ रही है। ऐसे में सही जानकारी और मार्गदर्शन के जरिए दिल्ली की विरासत को पर्यटन से और बेहतर तरीके से जोड़ा जा सकता है।

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