जाली नोटों की गिनती में बरती जा रही खास सावधानी: नौ मशीनें, 30 अधिकारी और दो शिफ्ट में जांच

सहारनपुर के सोफिया मार्केट स्थित पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में 17.29 करोड़ रुपये मूल्य के जाली नोट मिलने के बाद जांच और सख्त कर दी गई है। नकदी की पहली गिनती पूरी होने के बाद अब एक बार फिर पूरे कैश की गिनती कराई जा रही है। इसके लिए नौ नोट गिनने वाली मशीनें और करीब 30 बैंक अधिकारियों को दो शिफ्ट में लगाया गया है।
चार से बढ़ाकर नौ की गईं नोट गिनने वाली मशीनें
जाली नोटों का मामला सामने आने के बाद शुरुआत में चार मशीनों से नोटों की गिनती की जा रही थी। अब पांच और मशीनें मंगाई गई हैं। इसके बाद मशीनों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। करीब 30 बैंक अधिकारी शिफ्ट के हिसाब से नोटों की गिनती और जांच में जुटे हैं। दूसरे जिलों से भी बैंक कर्मचारियों को बुलाया गया है।
किसी तरह की चूक न हो, इसलिए दोबारा गिनती
बड़ी संख्या में जाली नोट मिलने के बाद अधिकारी दोबारा पूरी नकदी की गिनती करा रहे हैं। इसका उद्देश्य नोटों की संख्या और पहचान को लेकर किसी भी तरह की गलती की गुंजाइश खत्म करना है। करेंसी चेस्ट में आरबीआई और बैंक अधिकारियों की जांच भी जारी है।
गंगोह करेंसी चेस्ट भी जांच के दायरे में
सोफिया मार्केट स्थित करेंसी चेस्ट में गड़बड़ी सामने आने के बाद पीएनबी की गंगोह करेंसी चेस्ट को भी अलर्ट किया गया है। यहां करीब 12 सदस्यीय टीम ने जांच शुरू की है। टीम नकदी और दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। नोटों की गिनती के लिए तीन मशीनें लगाई गई हैं।
फॉरेंसिक टीम ने 15 बिंदुओं पर मांगे साक्ष्य
जाली नोट मिलने के मामले में फॉरेंसिक टीम ने भी करेंसी चेस्ट की जांच की है। टीम ने बैंक अधिकारियों से 15 बिंदुओं पर साक्ष्य मांगे हैं। इनमें सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों के फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य शामिल हैं।
टीम ने सीसीटीवी फुटेज और महत्वपूर्ण उपकरणों की भी जांच की, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं किसी कैमरे या उपकरण से छेड़छाड़ तो नहीं हुई। अब बैंक की ओर से मांगे गए साक्ष्यों का इंतजार है।
जाली नोट अलग रखे गए, लैब भेजे जा सकते हैं नमूने
अब तक की जांच में करेंसी चेस्ट से 17 करोड़ 29 लाख रुपये मूल्य के जाली नोट मिलने की बात सामने आई है। बरामद नोटों को चेस्ट में अलग रखा गया है। फॉरेंसिक टीम ने अभी इन नोटों की जांच नहीं की है। इनमें से कुछ नोटों के नमूने आगे परीक्षण के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजे जा सकते हैं।
आरबीआई अधिकारी भी जांच में जुटे
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरबीआई और बैंक के अधिकारी लगातार जांच कर रहे हैं। लखनऊ से आरबीआई के अधिकारी भी सहारनपुर पहुंचकर फॉरेंसिक टीम के साथ करेंसी चेस्ट की पड़ताल कर चुके हैं।
17 करोड़ की जाली करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंची?
मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में जाली नोट करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे। इसको लेकर कई एजेंसियां अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं।
4.30 लाख रुपये गायब होने की भी जांच
मामले में करेंसी चेस्ट से 4.30 लाख रुपये गायब होने की घटना भी जांच के दायरे में है। इस संबंध में अलग प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। जाली नोटों से जुड़ी घटना को लेकर भी अलग एफआईआर दर्ज है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं।
पार्ट टाइम हाउसकीपर विशाल को लेकर भी पूछताछ की जानकारी सामने आई है। उसके परिजनों का दावा है कि पुलिस उसे पूछताछ के लिए अपने साथ ले गई थी, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।





