जनगणना 2027 की तैयारी तेज, 25 जनवरी से 28 फरवरी तक गिने जाएंगे लोग; जानें किन राज्यों को मिलेगी छूट

देश में जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। सरकार की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, जनगणना की प्रक्रिया जनवरी 2027 से शुरू होगी। इसके तहत लोगों को पहले ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी खुद दर्ज करने का विकल्प मिलेगा। इसके बाद जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर परिवारों से संबंधित जानकारी जुटाएंगे। निर्धारित कार्यक्रम में चुनाव और बर्फबारी से प्रभावित क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था का उल्लेख किया गया है।
भारत में पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। वर्ष 2021 में प्रस्तावित जनगणना कोरोना महामारी के कारण स्थगित कर दी गई थी। ऐसे में आगामी जनगणना से देश की आबादी और सामाजिक-आर्थिक स्थिति से जुड़े नए आंकड़े जुटाने में मदद मिलेगी।
जनगणना 2027 का पूरा शेड्यूल
उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार, जनगणना की प्रक्रिया अलग-अलग चरणों में पूरी की जाएगी।
- 10 से 24 जनवरी 2027: ऑनलाइन पोर्टल के जरिए स्व-गणना की सुविधा।
- 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027: जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे।
- 1 से 5 मार्च 2027: दर्ज की गई जानकारी की जांच और आवश्यक सुधार की प्रक्रिया।
स्व-गणना के विकल्प के तहत लोग घर बैठे ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार घरों का दौरा करेंगे।
किन राज्यों को मिलेगी छूट?
जनगणना के घोषित कार्यक्रम में चुनाव वाले और बर्फ से प्रभावित क्षेत्रों के लिए अलग व्यवस्था का उल्लेख किया गया है। बर्फबारी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कुछ क्षेत्रों में जनगणना कराना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। वहीं, चुनाव के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था व्यस्त रहने के कारण कुछ राज्यों में अलग कार्यक्रम की जरूरत पड़ सकती है।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी में उन राज्यों के नाम और वहां जनगणना कराने की वैकल्पिक तारीखों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए संबंधित राज्यों के लिए अलग कार्यक्रम की जानकारी आधिकारिक अधिसूचना से स्पष्ट होगी।
आखिरी बार कब हुई थी जनगणना?
भारत में पिछली जनगणना वर्ष 2011 में हुई थी। इसके बाद वर्ष 2021 में नई जनगणना कराने की योजना बनाई गई थी। इसके पहले चरण का कार्यक्रम अप्रैल से सितंबर 2020 के बीच प्रस्तावित था, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2021 में होना था।
हालांकि, कोरोना महामारी फैलने के कारण जनगणना की प्रक्रिया स्थगित करनी पड़ी। इसके बाद से देश में नई जनगणना पूरी नहीं हो सकी। अब 2027 की जनगणना के जरिए लंबे समय बाद आबादी से संबंधित नए आंकड़े सामने आने की उम्मीद है।
जनगणना 2027 क्यों है महत्वपूर्ण?
जनगणना किसी भी देश की आबादी, परिवारों और सामाजिक परिस्थितियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने की प्रक्रिया है। इससे सरकार को विकास योजनाएं बनाने और संसाधनों की जरूरत का आकलन करने में मदद मिलती है।
नई जनगणना से देश की आबादी की स्थिति और उसमें आए बदलावों का आकलन करने के लिए नए आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे। इन आंकड़ों का उपयोग विभिन्न सरकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में किया जा सकता है।
अभ्यर्थियों और आम नागरिकों के लिए जरूरी जानकारी: जनगणना की तारीखों, स्व-गणना की प्रक्रिया और अलग कार्यक्रम वाले राज्यों के संबंध में अंतिम जानकारी के लिए संबंधित सरकारी अधिसूचना पर नजर रखें।





