खौफनाक वारदात का खुलासा: एक विलेन जैसी कहानी, तीन लोगों को उतारा मौत के घाट

रायपुर की विष्णुलोक कॉलोनी में मंगलवार को दिनदहाड़े हुई तीन हत्याओं ने पूरे इलाके को दहला दिया। पुलिस के अनुसार, वारदात की शुरुआत मेहनताना के महज 300 रुपये के विवाद से हुई। आरोपी राजकुमार ने पहले बुजुर्ग कपूर दंपती पर पेचकस से हमला किया। इसी दौरान बीच-बचाव करने पहुंची महिला शीला को भी उसने निशाना बना दिया।
मृतकों की पहचान 80 वर्षीय रमेश कपूर, उनकी 75 वर्षीय पत्नी रजनी कपूर और 48 वर्षीय तिलया देवी उर्फ शीला के रूप में हुई है।
300 रुपये को लेकर हुआ विवाद
पुलिस के मुताबिक, राजकुमार को प्लंबर का काम करने के लिए बुलाया गया था। मेहनताना को लेकर उसका कपूर दंपती से विवाद हो गया। आरोपी का कहना था कि उसे मेहनताना में 300 रुपये कम दिए गए।
विवाद बढ़ने के बाद राजकुमार वहां से चला गया, लेकिन कुछ देर बाद वापस लौटा और बुजुर्ग दंपती पर पेचकस से हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
बीच-बचाव करने पहुंची शीला
कपूर दंपती के घर से चीख-पुकार सुनकर पड़ोस में काम करने वाली शीला मौके पर पहुंची। उसने आरोपी को रोकने और दंपती को बचाने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान राजकुमार ने शीला पर भी पेचकस से हमला कर दिया।
शीला के पेट और गले पर कई वार किए गए। इसके बावजूद उसने हमलावर का सामना करने की कोशिश की। बाद में आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ लिया।
अस्पताल में तीनों को ले जाया गया
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। तीनों घायलों को तत्काल कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कपूर दंपती और शीला को मृत घोषित कर दिया।
इस वारदात में इस्तेमाल पेचकस ने 2014 में आई फिल्म ‘एक विलेन’ की याद भी ताजा कर दी। फिल्म में भी पेचकस को हत्या के हथियार के तौर पर दिखाया गया था। हालांकि, रायपुर की घटना में पेचकस का इस्तेमाल एक वास्तविक आपराधिक वारदात में किया गया।
पुलिस ने आरोपी राजकुमार को पकड़ लिया है। मामले की जांच की जा रही है और हत्या के पीछे के घटनाक्रम को लेकर पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।





