देश में मौसम का बदला मिज़ाज, कई राज्यों में बारिश और ठंड का अलर्ट जारी

तमिलनाडु के बाद अब केरल में भी सरकार और राज्यपाल के बीच टकराव खुलकर सामने आ गया है। केरल के मुख्यमंत्री ने राज्यपाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने विधानसभा सत्र के दौरान कैबिनेट द्वारा अनुमोदित भाषण को पूरी तरह नहीं पढ़ा। मुख्यमंत्री का कहना है कि राज्यपाल का यह रवैया संवैधानिक परंपराओं के खिलाफ है और इससे निर्वाचित सरकार की गरिमा को ठेस पहुंची है।

सरकार का आरोप है कि राज्यपाल ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्य किया और चुनी हुई सरकार की नीतियों व प्रस्तावों को नजरअंदाज किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्यपाल को विधानसभा में वही भाषण पढ़ना चाहिए, जिसे मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी हो, न कि उसमें मनमाने बदलाव करना। इस घटना के बाद केरल की राजनीति में गर्माहट बढ़ गई है और विपक्ष भी इस मुद्दे पर सक्रिय हो गया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद केंद्र और राज्य के बीच बढ़ते तनाव को भी दर्शाता है, जैसा कि पहले तमिलनाडु में देखने को मिला था। अब यह मामला संवैधानिक मर्यादाओं और राज्यपाल की भूमिका को लेकर नई बहस छेड़ सकता है।

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