सीआईएसएफ में सुधार की कवायद तेज, नई रणनीति बनाने के लिए उच्चस्तरीय समिति बनी

सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कहा है कि गृह मंत्रालय पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) में शामिल करेगा। इसके लिए एक व्यापक नीति बनाई जा रही है। सीआईएसएफ ने भी इस दिशा में कार्य योजना तैयार करने के लिए एक समिति का गठन किया है, जो अपनी सिफारिशें गृह मंत्रालय को सौंपेगी।
डीजी प्रवीर रंजन ने स्पष्ट किया कि यह गृह मंत्रालय का नीतिगत फैसला है और इसे सभी केंद्रीय सशस्त्र बलों के परामर्श से लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बल स्तर पर गठित समिति इस बात की जांच कर रही है कि अग्निवीरों को किस अनुपात में और किन इकाइयों में शामिल किया जा सकता है। अंतिम निर्णय और विस्तृत योजना गृह मंत्रालय द्वारा तय की जाएगी।
इस दौरान डीजी रंजन ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार जल्द ही कोस्टल वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम शुरू करने जा रही है। इस योजना का उद्देश्य देश की लगभग 6,500 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर बसे समुदायों से जुड़ना और उन्हें विकास व सुरक्षा से जोड़ना है। यह कार्यक्रम मौजूदा वाइब्रेंट विलेज योजना की तर्ज पर होगा।
इसके अलावा उन्होंने वंदे मातरम कोस्टल साइक्लोथॉन 2026 के दूसरे संस्करण की घोषणा की। यह साइक्लोथॉन 28 जनवरी से 22 फरवरी तक आयोजित होगा। इसका उद्देश्य तटीय इलाकों के लोगों को राष्ट्रीय उद्देश्यों से जोड़ना और तटीय सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना है। कार्यक्रम की थीम ‘सुरक्षित तट, समृद्ध भारत’ रखी गई है।





