लोकसभा में चीन मुद्दे पर हंगामा, राहुल के बयान पर विपक्ष एकजुट

लोकसभा में चीन से जुड़े मुद्दे पर बोल रहे विपक्ष के नेता राहुल गांधी के समर्थन में समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव खुलकर सामने आए। अखिलेश यादव ने कहा कि चीन का सवाल बेहद संवेदनशील है और विपक्ष के नेता को अपनी बात सदन में रखने की अनुमति दी जानी चाहिए।
अखिलेश यादव ने लोकसभा अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा, “अध्यक्ष महोदय, चीन से जुड़ा मामला बहुत संवेदनशील है। अगर विपक्ष के नेता के पास देशहित से जुड़ा कोई सुझाव है, तो उन्हें उसे पढ़ने देना चाहिए।” उन्होंने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया और जॉर्ज फर्नांडिस जैसे नेताओं ने हमेशा आगाह किया था कि भारत को चीन को लेकर सतर्क रहना चाहिए। अखिलेश ने कहा कि अगर चीन के प्रति सावधानी नहीं बरती गई, तो पहले की तरह देश को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
राहुल गांधी के बयान पर शुरू हुआ हंगामा
दरअसल, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब के एक अंश का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा कि वे जो पढ़ने जा रहे हैं, उससे पता चलेगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं। इसी के साथ सदन में सत्तापक्ष के सांसदों ने जोरदार हंगामा शुरू कर दिया।
राहुल गांधी ने आगे कहा कि डोकलाम में चार चीनी टैंक भारत की ओर बढ़ रहे थे और वे महज 100 मीटर दूर थे। इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी अप्रकाशित किताब का संसद में हवाला नहीं दिया जा सकता और राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस पर आपत्ति जताई।
कार्यवाही स्थगित
राजनाथ सिंह ने मांग की कि राहुल गांधी जिस किताब से उद्धरण दे रहे हैं, उसे सदन के सामने पेश किया जाए। लगातार हंगामे के बीच राहुल गांधी ने कहा कि सत्तापक्ष उनकी पार्टी और राष्ट्रवाद पर सवाल उठाता रहा है। इस पर अमित शाह ने जवाब दिया कि सरकार की ओर से कांग्रेस की देशभक्ति पर कोई सवाल नहीं उठाया गया।





