अपनी पसंदीदा जगह पर मां बनी बाघिन सुल्ताना, शावकों को लेकर दिखा खास नज़ारा

रणथम्भौर की सबसे गुस्सैल बाघिन सुल्ताना ने दो शावकों को जन्म दिया है। शावकों के जन्म के बाद बाघिन सुल्ताना उन्हें मुंह में दबाकर एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाती नजर आई। शुक्रवार सुबह बाघिन के शावकों को शिफ्ट करते हुए देखे जाने पर सुरक्षा कारणों से रणथम्भौर फोर्ट से गणेश धाम जाने वाला मार्ग करीब आधे घंटे तक बंद कर दिया गया।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बाघिन सुल्ताना ने मिश्रदर्रा गेट के पास बनी गुफा में शावकों को जन्म दिया है। यह क्षेत्र उसकी पसंदीदा जगहों में शामिल है। इससे पहले भी बाघिन ने अपने अधिकांश शावकों को इसी इलाके में जन्म दिया है। शुक्रवार सुबह बाघिन अपने शावकों को गुफा से उठाकर अपनी टेरिटरी जोन नंबर-1 की ओर शिफ्ट करती नजर आई।
बताया गया कि सुबह गणेश धाम मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाघिन को देख वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद एहतियात के तौर पर फोर्ट से गणेश धाम के बीच करीब ढाई किलोमीटर के रास्ते पर कुछ समय के लिए आवाजाही रोक दी गई। जब बाघिन सुरक्षित रूप से अपने दोनों शावकों को जंगल में अपनी टेरिटरी में ले गई, तब मार्ग को दोबारा खोल दिया गया।
वन विभाग ने बाघिन सुल्ताना और उसके शावकों की निगरानी बढ़ा दी है। डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि शावकों के जन्म के बाद रणथम्भौर टाइगर रिजर्व में बाघ, बाघिन और शावकों की कुल संख्या अब करीब 73 हो गई है। इससे रिजर्व में बाघ संरक्षण की सफलता को लेकर वन्यजीव प्रेमियों में खुशी का माहौल है।





