90% मादा बछिया जन्म का लक्ष्य, डेयरी सेक्टर में दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर

केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी बघेल ने कहा कि गायों के गर्भधारण में सेक्स सॉर्टेड सीमन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, ताकि अधिकतर मादा बछिया पैदा हों। उनका कहना है कि अब खेती में ट्रैक्टर, थ्रेसर और मशीनों के बढ़ते उपयोग के कारण बैलों की जरूरत कम हो गई है, इसलिए प्रयास है कि नंदी (नर बछड़े) कम पैदा हों।
उन्होंने बताया कि लक्ष्य करीब 90% बछिया और 10% बछड़े पैदा होने का है। उनके मुताबिक 10% अच्छे नस्ल के बछड़े प्रजनन के लिए पर्याप्त होंगे, जिससे डेयरी सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि हो सकती है।
अजमेर में केंद्रीय बजट पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बघेल ने कहा कि यह बजट विकसित भारत का रोडमैप है, जिसमें हर वर्ग का ध्यान रखा गया है और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष जोर दिया गया है। मनरेगा को लेकर कांग्रेस के सवालों पर उन्होंने कहा कि योजना को मजबूत किया गया है और काम के दिनों सहित पारदर्शिता बढ़ाने के कदम उठाए गए हैं।





