सुप्रीम कोर्ट को मिले दो नए न्यायधीश; अब शीर्ष अदालत में इतनी हुई जजों की संख्या

केंद्र सरकार ने न्यायमूर्ति न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति विपुल मनुभाई पंचोली को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में मंजूरी दे दी है। केंद्रीय कानून मंत्रालय ने इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है।
अधिसूचना में मंत्रालय ने बताया कि बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विपुल मनुभाई पंचोली को बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किया गया। बीते सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय कॉलेजियम ने उनके नामों की सिफारिश की थी।
इन दोनों लोगों के शपथ ग्रहण के बाद, सुप्रीम कोर्ट में सीजेआई सहित 34 न्यायाधीशों की पूर्ण स्वीकृत संख्या हो जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 14 हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के स्थानांतरण की सिफारिश की
इस बीच, सीजेआई बीआर गवई की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने कई हाई कोर्ट के 14 न्यायाधीशों के स्थानांतरण की सिफारिश की है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 25 और 26 अगस्त को हुई बैठकों में यह निर्णय लिया।
जिन न्यायाधीशों के स्थानांतरण की सिफारिश की गई है उनके नाम निम्नलिखित हैं-
न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन को मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से छत्तीसगढ़।
न्यायमूर्ति संजय अग्रवाल को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय से इलाहाबाद।
न्यायमूर्ति जे. निशा बानू को मद्रास उच्च न्यायालय से केरल।
न्यायमूर्ति दिनेश मेहता को राजस्थान उच्च न्यायालय से दिल्ली।
न्यायमूर्ति अवनीश झिंगन को राजस्थान उच्च न्यायालय से दिल्ली।
न्यायमूर्ति अरुण मोंगा को दिल्ली उच्च न्यायालय से राजस्थान।
न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से पटना।
न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से कलकत्ता।
न्यायमूर्ति मानवेंद्रनाथ रॉय को गुजरात उच्च न्यायालय से आंध्र प्रदेश।
न्यायमूर्ति दोनादी रमेश को इलाहाबाद उच्च न्यायालय से आंध्र प्रदेश।
न्यायमूर्ति संदीप नटवरलाल भट्ट को गुजरात उच्च न्यायालय से मध्य प्रदेश।
न्यायमूर्ति चंद्रशेखरन सुधा को केरल उच्च न्यायालय से दिल्ली।
न्यायमूर्ति तारा वितस्ता गंजू को दिल्ली उच्च न्यायालय से कर्नाटक।
न्यायमूर्ति सुभेंदु सामंत को कलकत्ता उच्च न्यायालय से आंध्र प्रदेश।





