सुले ने लाडकी बहिन योजना पर श्वेत पत्र की मांग की; अजित पवार बोले- वादे से पीछे नहीं हटी सरकार

मुंबई: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार की ‘लाडकी बहिन योजना’ में 4,800 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया और महिलाओं की आर्थिक मदद के लिए बनाई गई इस योजना पर श्वेत पत्र जारी करने और जांच कराने की मांग की।
पत्रकारों से बात करते हुए सुले ने दावा किया कि इस योजना से बड़ी संख्या में वास्तविक लाभार्थियों को बाहर कर दिया गया है। योजना के तहत 21 से 65 वर्ष की उम्र की उन महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाते हैं जिनके परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से अधिक नहीं है।
सुले ने कहा, करीब 25 से 26 लाख नाम इस योजना से हटा दिए गए हैं, जिनमें से लगभग दो लाख नाम सिर्फ पुणे से हैं। मैं सरकार से पूछना चाहती हूं कि जब शुरुआत में इन फॉर्म को स्वीकार किया गया था, तो अब किन मापदंडों के आधार पर इन्हें हटाया गया? उन्होंने यह भी कहा कि इस योजना के लिए कुछ पुरुषों का भी पंजीकरण कर लिया गया, जबकि यह योजना सिर्फ महिलाओं के लिए है। उन्होंने सवाल किया, क्या सरकार पुरुष और महिला में फर्क नहीं कर सकी? किस सॉफ्टवेयर का उपयोग हुआ और इस प्रक्रिया को किसने लागू किया? इस पूरे मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए।
राकांपा (शरद पवार गुट) की नेता ने योजना में 4,800 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि वह मुख्यमंत्री से भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट और एक श्वेत पत्र जारी करने और जांच शुरू करने की मांग करेंगी। उन्होंने कहा, अगर राज्य सरकार ने यह नहीं किया तो हमारे पास दिल्ली जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा। दुर्भाग्यवश, यह जरूरी लग रहा है। हालांकि, मुझे विश्वास है कि मुख्यमंत्री इस पर कार्रवाई करेंगे।
इससे पहले, महाराष्ट्र के मंत्री छगन भुजबल ने रविवार को कहा था कि जो लोग ‘लाडकी बहिन योजना’ के लिए अयोग्य हैं, उन्हें खुद ही योजना से नाम वापस ले लेना चाहिए और जो पुरुष इसमें शामिल हुए हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।





