सरदार पटेल, बिरसा मुंडा और वाजपेयी की जयंती पर होगा विशेष आयोजन, PM मोदी करेंगे समिति की अध्यक्षता

नई दिल्ली:केंद्र सरकार ने देश के तीन महान नेताओं सरदार वल्लभभाई पटेल, बिरसा मुंडा और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मनाने के लिए उच्च स्तरीय समितियों का गठन किया है। इन समितियों की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं करेंगे। यह निर्णय संस्कृति मंत्रालय की ओर से जारी तीन अलग-अलग अधिसूचनाओं के बाद सार्वजनिक हुआ है।
सरदार पटेल और बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती तथा वाजपेयी की जन्म शताब्दी पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगोष्ठियां, प्रदर्शनी और युवा-केन्द्रित गतिविधियां शामिल होंगी। सरकार का कहना है कि इन महापुरुषों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाना और उनके आदर्शों को राष्ट्रीय जीवन में उतारना ही मुख्य उद्देश्य है। समितियों में वरिष्ठ मंत्रियों, राज्यों के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा।
सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर विशेष समिति
संस्कृति मंत्रालय ने 25 अगस्त को प्रकाशित अधिसूचना में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को हुआ था। वे स्वतंत्रता संग्राम में एक बड़े नेता के रूप में सामने आए और स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री बने। उन्हें ‘भारत का लौहपुरुष’ कहा जाता है। गुजरात में बनी दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा “स्टैच्यू ऑफ यूनिटी” उनके योगदान और व्यक्तित्व की गवाही देती है।
बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर भी समिति
इसी तरह, मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर भी उच्च स्तरीय समिति बनाने का निर्णय लिया। बिरसा मुंडा एक आदिवासी नायक और स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने आदिवासी समाज को ब्रिटिश हुकूमत और शोषण से लड़ने की प्रेरणा दी। आज भी देशभर में उन्हें ‘धरती आबा’ के रूप में याद किया जाता है। समिति का मकसद है कि बिरसा मुंडा की विचारधारा और संघर्ष को जन-जन तक पहुंचाया जाए और उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिले।





