सोनू निगम ने बताया कैसे बदली सिंगिंग की दुनिया, ऑटो-ट्यून को लेकर खुलकर रखी राय

मशहूर गायक सोनू निगम ने ऑटो-ट्यून के इस्तेमाल को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने माना कि वह अपने कुछ चुनिंदा गानों में ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल करते हैं। सोनू ने इसकी वजह बताते हुए कहा कि आज म्यूजिक रिकॉर्डिंग काफी हद तक डिजिटल हो गई है, ऐसे में कच्ची आवाज कभी-कभी पिच से थोड़ी अलग सुनाई दे सकती है।
कुछ गानों में ऑटो-ट्यून का करते हैं इस्तेमाल
सोनू निगम ने ‘गेम चेंजर्स: द म्यूजिक सीरीज’ पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान ऑटो-ट्यून को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि वह कुछ गानों में इस तकनीक का इस्तेमाल करते हैं। उनके मुताबिक, आज की डिजिटल रिकॉर्डिंग में आवाज को संगीत के साथ पूरी तरह संतुलित रखने के लिए कभी-कभी पिच करेक्शन की जरूरत पड़ती है।
‘हम खुशकिस्मत हैं कि बिना ऑटो-ट्यून के रियाज किया’
सोनू ने पुराने दौर की रिकॉर्डिंग को याद करते हुए कहा कि पहले संगीत में लाइव इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल ज्यादा होता था और गायकों को बिना ऑटो-ट्यून के गाना पड़ता था। उन्होंने कहा कि वह खुशकिस्मत हैं कि उन्होंने बिना इस तकनीक के रियाज किया और आज उन्हें इसकी जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, वह अपने कुछ गानों में इसका इस्तेमाल करते हैं।
ऑटो-ट्यून से गायक बनाना सही नहीं
सोनू निगम ने ऑटो-ट्यून के जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तकनीक का इस्तेमाल किसी अच्छे गायक की परफॉर्मेंस को बेहतर बनाने के लिए होना चाहिए, न कि ऐसे व्यक्ति की आवाज को ठीक करने के लिए जो गा ही नहीं सकता।
उनके मुताबिक, गायक को अपनी परफॉर्मेंस का अधिकतर हिस्सा खुद तैयार करना चाहिए और ऑटो-ट्यून का इस्तेमाल केवल अंतिम सुधार के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि कलाकारों का ऑटो-ट्यून की मदद से गाना ठीक है, लेकिन इससे प्रोफेशनल गायकों की जगह नहीं ली जानी चाहिए।
‘तबस्सुम’ को दी अपनी आवाज
वर्कफ्रंट की बात करें तो सोनू निगम ने हाल ही में फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के गाने ‘तबस्सुम’ को अपनी आवाज दी है। इस गाने का संगीत एआर रहमान ने तैयार किया है और इसके बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं। फिल्म 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है।





