विदेश में बेटे की मौत, देश में मां की तबीयत नाजुक; परिवार ने केंद्र सरकार से लगाई गुहार

रूस में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे राजस्थान के अलवर जिले के छात्र अजीत चौधरी की मौत को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका है। अलवर के कफनवाड़ा गांव में अजीत के घर मातम पसरा हुआ है। परिवार शव के भारत आने का इंतजार कर रहा है, जबकि मां की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है।
परिजनों के मुताबिक, अजीत की मां का बीपी बार-बार गिर रहा है और अब तक 5 ग्लूकोज की बोतलें चढ़ाई जा चुकी हैं। परिवार की हालत देखकर गांव में भी माहौल बेहद गमगीन है।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से सोमवार को अजीत के चाचा राजेंद्र चौधरी और अन्य परिजनों ने मुलाकात की। राजेंद्र ने भावुक होकर कहा, “कहीं ऐसा न हो कि बेटे के आने से पहले बहन की अर्थी उठ जाए।”
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि रूस सरकार से लगातार संपर्क किया जा रहा है और आज पोस्टमॉर्टम होने की पूरी संभावना है। सरकार शव को जल्द भारत लाने के प्रयासों में जुटी है।
19 अक्टूबर को लापता, 6 नवंबर को मिला शव
अजीत चौधरी रूस के ऊफा शहर स्थित बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (Bashkir State Medical University) में थर्ड ईयर का छात्र था। वह 19 अक्टूबर को लापता हुआ था। अगले दिन नदी किनारे उसके कपड़े मिले थे।
6 नवंबर को उसका शव बांध में मिला, जिसकी पहचान यूनिवर्सिटी के छात्रों ने की। परिवार का आरोप है कि अजीत की हत्या की गई और जानबूझकर पोस्टमॉर्टम में देरी कर सबूत मिटाने की कोशिश की जा रही है।
इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड से लाया जाएगा शव
परिजनों ने न्यूयॉर्क स्थित नॉर्थ अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन (NARA) के अध्यक्ष प्रेम भंडारी को शव भारत लाने की जिम्मेदारी सौंपी है। भंडारी ने बताया कि भारतीय दूतावास और स्थानीय अधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शव लाने का पूरा खर्च इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड (ICWF) से वहन किया जाएगा, जिसकी अनुमानित राशि करीब 6 लाख रुपए है। यदि जरूरत पड़ी तो एसोसिएशन स्वयं भी मदद करेगी।





