Meta का 800 करोड़ का पैकेज बना चर्चा का विषय, जानिए त्रपित बंसल की सफलता की कहानी

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की दुनिया में भारतीय मूल के शोधकर्ता त्रपित बंसल ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Meta की महत्वाकांक्षी सुपरइंटेलिजेंस टीम में शामिल होने के लिए उन्हें करीब 800 करोड़ रुपये का पैकेज मिला है। OpenAI के चर्चित o1 रीजनिंग मॉडल के विकास में भी त्रपित की अहम भूमिका रही है।

IIT कानपुर से शुरू हुआ सफर

त्रपित बंसल ने वर्ष 2007 में IIT कानपुर में दाखिला लिया। उन्होंने कंप्यूटर साइंस के बजाय गणित और सांख्यिकी जैसे विषयों को चुना और 2012 में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड डिग्री पूरी की। इसके बाद उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (IISc), बेंगलुरु में मशीन लर्निंग लैब में रिसर्च असिस्टेंट के तौर पर काम किया।

इसके बाद वह अमेरिका की University of Massachusetts Amherst पहुंचे, जहां उन्होंने कंप्यूटर साइंस में मास्टर्स और पीएचडी की। उन्होंने मशीन लर्निंग, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP), डीप लर्निंग और मेटा-लर्निंग जैसे क्षेत्रों में शोध किया। उन्होंने 2021 में पीएचडी पूरी की।

Google, Meta और OpenAI में किया रिसर्च

अपने करियर के दौरान त्रपित ने Facebook, Google, Microsoft और OpenAI जैसी बड़ी टेक कंपनियों में रिसर्च इंटर्नशिप की। उन्होंने अकादमिक क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण शोध किए और ICLR, ACL और EMNLP जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में अपने रिसर्च पेपर प्रस्तुत किए।

उनके एक शोध पत्र को ICLR 2018 में बेस्ट पेपर अवॉर्ड भी मिला।

OpenAI के o1 मॉडल के विकास में अहम भूमिका

त्रपित ने जनवरी 2022 में OpenAI को बतौर शोधकर्ता जॉइन किया। यहां उन्होंने AI रीजनिंग और Reinforcement Learning पर काम किया। OpenAI के o1 मॉडल को इस तरह विकसित किया गया कि AI किसी सवाल का जवाब देने से पहले ज्यादा समय लेकर तर्क कर सके।

o1 मॉडल के विकास में त्रपित का योगदान AI को सिर्फ तेजी से जवाब देने के बजाय जटिल समस्याओं पर सोचने और reasoning करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।

अब Meta की सुपरइंटेलिजेंस टीम का हिस्सा

OpenAI के बाद त्रपित अब Meta की नई Superintelligence टीम से जुड़े हैं। रिपोर्ट्स में उनके पैकेज की कीमत करीब 800 करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि, यह आंकड़ा मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है और पैकेज की वास्तविक संरचना में वेतन, बोनस और स्टॉक जैसे अलग-अलग घटक शामिल हो सकते हैं।

युवाओं के लिए क्या सीख?

त्रपित बंसल की कहानी बताती है कि AI जैसे तेजी से बदलते क्षेत्र में केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं है। किसी विषय की गहरी समझ, लगातार सीखने की आदत, रिसर्च और लंबे समय तक मेहनत कर विशेषज्ञता हासिल करना सफलता की बड़ी वजह बन सकता है।

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