मानसून में देरी के संकेत, MP-राजस्थान समेत कई राज्यों में लू का खतरा

देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने आगे बढ़ना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून 22 से 26 मई के बीच केरल पहुंच सकता है, जबकि इसकी सामान्य तारीख 1 जून मानी जाती है। फिलहाल मानसून अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तक सक्रिय हो चुका है।
हालांकि इस बार मानसून की रफ्तार धीमी रहने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून बार-बार रुक सकता है और लगातार बारिश के बजाय कई दिनों तक ब्रेक की स्थिति बन सकती है। जून से सितंबर के बीच 7 से 14 दिनों तक बारिश रुकने की संभावना जताई गई है।
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट के अध्यक्ष जीपी शर्मा ने कहा कि इस बार 2002 जैसे हालात बनने का खतरा है। उस साल मानसून जल्दी पहुंचने के बावजूद पूरे देश में फैलने में 79 दिन लग गए थे।
इस बीच उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में भीषण गर्मी का दौर जारी है। अगले सात दिनों तक मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत 10 राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
उत्तर प्रदेश का बांदा 47.6°C के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा। वहीं राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के कई शहरों में भी तापमान 46°C से ऊपर दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार 20 और 21 मई को राजस्थान, यूपी और पंजाब के कई जिलों में हीटवेव का असर बना रहेगा। वहीं झारखंड, असम, मेघालय, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु में बारिश का अनुमान है।





