राशन रुका, पहचान छिनी: सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित व्यक्ति न्याय के लिए दर-दर भटक रहा

अलीगढ़ के लोधा ब्लॉक के गांव गोविंदपुर फगोई निवासी बेनामी पुत्र अमर सिंह सरकारी रिकॉर्ड की बड़ी लापरवाही का शिकार हो गए हैं। सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं। पिछले एक साल से वह अधिकारियों से सिर्फ यही गुहार लगा रहे हैं—”साहब, मैं जिंदा हूं।”
मामले का खुलासा तब हुआ, जब बेनामी राशन कार्ड की ई-केवाईसी कराने पहुंचे। मशीन पर आधार विवरण दर्ज करने के दौरान प्रक्रिया पूरी नहीं हुई। जांच में पता चला कि आधार डेटाबेस में उन्हें मृत घोषित किया जा चुका है। इसके बाद उनका आधार कार्ड निष्क्रिय हो गया और राशन समेत कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो गया।
अपनी पहचान वापस पाने के लिए बेनामी लगातार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। उन्होंने डीएम कार्यालय में सांसद अनूप प्रधान का सत्यापन पत्र, ग्राम प्रधान का प्रमाण पत्र और मतदाता पहचान पत्र सहित कई दस्तावेज जमा कर यह साबित करने की कोशिश की है कि वह जीवित हैं।
मुख्य विकास अधिकारी योगेंद्र कुमार ने कहा कि मामले में हुई विसंगतियों की जांच संबंधित खंड विकास अधिकारी से कराई जाएगी। यदि रिकॉर्ड में त्रुटि पाई जाती है तो उसे नियमानुसार ठीक कराया जाएगा।





