राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: चंपत राय ने लिखी पहली चिट्ठी, रामचरितमानस की चौपाई के साथ दिया संदेश

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपों से घिरे पूर्व महासचिव चंपत राय ने मंगलवार को पहली बार अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर श्रीरामचरितमानस की चौपाई पोस्ट करते हुए कहा कि वह SIT की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही अपने ऊपर लगे सभी आरोपों का जवाब देंगे।
चंपत राय ने रामभक्तों के नाम एक हस्तलिखित पत्र भी जारी किया। उन्होंने लिखा कि दानपात्र से चोरी के मामले में उन पर निराधार आरोप लगाए गए, इसलिए उन्होंने अब तक मौन रखा। उनका कहना है कि ट्रस्ट की बैठक में SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट पेश की गई, लेकिन अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद ही वह पूरे मामले पर तथ्यात्मक जवाब देंगे और सच्चाई सभी के सामने होगी।
पत्र में चंपत राय ने बताया कि उन्हें वर्ष 1991 में अयोध्या भेजा गया था और उनका करीब 45 वर्षों का सार्वजनिक जीवन खुली किताब की तरह रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि अंतिम जांच के बाद सच सामने आएगा।
इधर, राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने कहा कि चंपत राय का इस पूरे प्रकरण से कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता, लेकिन उन्होंने अपने ड्राइवर पर जरूरत से ज्यादा भरोसा किया। उन्होंने दावा किया कि चोरी की पूरी साजिश ड्राइवर ने रची और इसी वजह से अब ट्रस्ट में CEO नियुक्त करने का फैसला लिया गया है।
वहीं, फैजाबाद एंटी करप्शन कोर्ट ने तीन आरोपियों करुणेश पांडेय, अनुकल्प मिश्र और लवकुश को एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। दूसरी ओर, चंपत राय के इस्तीफे के बाद कृष्ण मोहन दास ने राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव के रूप में कार्यभार संभाल लिया है।





