कर्नाटक की सफलता पर राजनीति तेज: सिद्धारमैया ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव को घेरा

कर्नाटक की औद्योगिक और आर्थिक प्रगति को लेकर केंद्र और राज्य सरकार के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव पर कर्नाटक की उपलब्धियों का श्रेय हड़पने का आरोप लगाया है। सिद्धारमैया ने कहा कि राज्य सरकार की मेहनत से मिली सफलताओं को केंद्र सरकार अपने खाते में डालने की कोशिश कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर सारा काम कर्नाटक ने किया है।
यह विवाद उस वक्त सामने आया जब अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी को ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता स्वीकार करने के लिए धन्यवाद दिया। दरअसल, राहुल गांधी ने एक पोस्ट में ताइवान की कंपनी Foxconn की कर्नाटक इकाई में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की जानकारी साझा की थी। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि केंद्र सरकार कर्नाटक की उपलब्धियों को अपने प्रचार का हिस्सा बना रही है।
डबल इंजन सरकार पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने ‘डबल इंजन सरकार’ की अवधारणा पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र और भाजपा शासित राज्यों के बीच इतना मजबूत तालमेल है, तो वे कर्नाटक जैसी औद्योगिक प्रगति क्यों नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब दिखाने के लिए अपनी कोई ठोस उपलब्धि नहीं होती, तब दूसरों के काम को अपना बताने की कोशिश की जाती है।
फॉक्सकॉन निवेश बना बहस का केंद्र
सिद्धारमैया ने कहा कि फॉक्सकॉन का भारत में दूसरा सबसे बड़ा संयंत्र बेंगलुरु के पास देवनहल्ली में स्थित है, जहां हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि निवेश के लिए अनुकूल माहौल, जमीन, बुनियादी ढांचा और नीतिगत सहयोग कर्नाटक सरकार ने दिया है, इसलिए इसका श्रेय भी राज्य को ही मिलना चाहिए।
‘मेक इन इंडिया’ बनाम राज्य की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर ‘मेक इन इंडिया’ वास्तव में सफल है, तो भाजपा शासित राज्यों में भी उसी तरह का औद्योगिक विकास नजर आना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार केवल प्रचार में लगी है, जबकि असली काम राज्यों ने किया है। सिद्धारमैया ने स्पष्ट किया कि कर्नाटक आगे भी निवेश और रोजगार सृजन में अग्रणी रहेगा और श्रेय की राजनीति से पीछे नहीं हटेगा।





