नोरा बोलीं- इंडस्ट्री में टिकने के लिए मुफ्त में काम किया, लोगों ने उड़ाया मजाक

बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कई बड़े खुलासे किए हैं। नोरा ने बताया कि करियर की शुरुआत में उन्हें काम दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपए की ठगी का सामना करना पड़ा। साथ ही पहचान बनाने के लिए उन्हें कई गानों में बिना किसी फीस के काम करना पड़ा।
नोरा ने कहा कि जब वह कनाडा से भारत आई थीं, तब एक एजेंसी ने उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में काम दिलाने का भरोसा दिया था। एजेंसी के कहने पर उन्होंने 20 लाख रुपए दिए, लेकिन बाद में उन्हें न तो काम मिला और न ही पैसे वापस मिले। उन्होंने बताया कि यह रकम उन्होंने एक विज्ञापन से कमाई थी, जो पूरी तरह डूब गई।
अभिनेत्री ने बताया कि शुरुआती दौर में उन्हें हिंदी भाषा नहीं आती थी, जिसके कारण ऑडिशन में उनका मजाक उड़ाया जाता था। कई बार सिर्फ भाषा और उच्चारण की वजह से उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। आर्थिक तंगी के चलते उन्होंने वेटर का काम किया, लॉटरी टिकट बेचे और कई दिनों तक सीमित संसाधनों में गुजारा किया।
नोरा ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में खुद को साबित करने के लिए उन्होंने कई प्रोजेक्ट्स और गाने बिना पारिश्रमिक के किए। उन्होंने बताया कि ‘दिलबर’ जैसे कई गानों में उन्होंने पैसे की मांग नहीं की, क्योंकि उस समय उनका लक्ष्य पहचान बनाना था, कमाई करना नहीं।
साल 2015 में रियलिटी शो ‘बिग बॉस 9’ से उन्हें पहचान मिली, लेकिन असली सफलता 2018 में रिलीज हुए सुपरहिट गाने ‘दिलबर’ से मिली। इस गाने ने उन्हें देशभर में लोकप्रिय बना दिया और बॉलीवुड की प्रमुख डांस परफॉर्मर्स में शामिल कर दिया।
इसके बाद नोरा ने ‘कमरिया’, ‘ओ साकी साकी’ और ‘गर्मी’ जैसे कई हिट गानों से अपनी अलग पहचान बनाई। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि लंबे समय तक उन्हें सिर्फ डांस नंबरों तक सीमित समझा गया, जिसके बाद उन्होंने अभिनय में भी खुद को साबित करने की कोशिश की।
नोरा का कहना है कि उनके संघर्ष, असफलताएं और मुश्किल अनुभव ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बने। उन्हीं चुनौतियों ने उन्हें आज के मुकाम तक पहुंचने का हौसला दिया।





