सोने में निवेश करें या नहीं? बाजार उतार-चढ़ाव के बीच क्या कहते हैं विशेषज्ञ

कानपुर के किदवई नगर निवासी मनोहर पाल जैसे कई निवेशक इन दिनों दुविधा में हैं। साल की शुरुआत में ऊंचे भाव पर सोने में निवेश करने के बाद अब कीमतों में आई गिरावट ने उन्हें चिंता में डाल दिया है।
जनवरी 2026 में जहां सोना रिकॉर्ड ऊंचाई पर था, वहीं अब इसमें करीब 18% तक की गिरावट आ चुकी है। ऐसे में सवाल उठता है—क्या अब भी सोना पोर्टफोलियो में रखना सही है?
क्या है मौजूदा स्थिति?
- MCX पर सोना लगभग ₹1,80,000 प्रति 10 ग्राम से गिरकर करीब ₹1,49,500 तक आ चुका है
- COMEX पर भी कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई
- निवेशकों में अनिश्चितता का माहौल
विशेषज्ञों की राय: लंबी अवधि में मजबूत
विशेषज्ञ मानते हैं कि सोने का लॉन्ग-टर्म ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव है। इसके पीछे कई कारण हैं:
- डी-डॉलराइजेशन: डॉलर पर निर्भरता घट रही है
- केंद्रीय बैंकों की खरीद: लगातार सोना खरीदा जा रहा है
- भूराजनैतिक तनाव: वैश्विक अनिश्चितता बनी हुई है
- महंगाई का दबाव: सोना एक सुरक्षित निवेश (Safe Haven)
निवेश की सही रणनीति - एकमुश्त निवेश के बजाय SIP के जरिए Gold ETF या डिजिटल गोल्ड में निवेश करें
- कुल पोर्टफोलियो का 10–15% हिस्सा ही सोने में रखें
- इसे शॉर्ट टर्म ट्रेड नहीं, बल्कि 5–10 साल का निवेश मानें
गिरावट: खतरा या मौका?
विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा गिरावट घबराने की नहीं, बल्कि खरीद का अवसर हो सकती है।
- यह लॉन्ग-टर्म बुल रन का हिस्सा है
- रुपये की कमजोरी घरेलू कीमतों को सपोर्ट दे सकती है
- आने वाले वर्षों में कीमतों में फिर उछाल संभव
निष्कर्ष
अगर आप मनोहर पाल की तरह ऊंचे भाव पर निवेश करके चिंतित हैं, तो जल्दबाजी में फैसला लेने से बचें।
सोना आज भी एक संतुलन देने वाला एसेट है, जो बाजार के उतार-चढ़ाव में आपके पोर्टफोलियो को स्थिरता देता है।





