जलवायु परिवर्तन का बढ़ता खतरा, रिकॉर्ड गर्मी ने बढ़ाई चिंता

यूरोपीय जलवायु एजेंसी कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (C3S) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अप्रैल 2026 इतिहास का संयुक्त रूप से तीसरा सबसे गर्म अप्रैल दर्ज किया गया है। इस दौरान वैश्विक औसत तापमान 14.89 डिग्री सेल्सियस रहा, जो औद्योगिक काल से पहले के स्तर की तुलना में 1.43 डिग्री अधिक है।
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि दुनिया अब पेरिस जलवायु समझौते की 1.5 डिग्री सेल्सियस की सुरक्षित सीमा के बेहद करीब पहुंच चुकी है। वैज्ञानिकों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी, असामान्य बारिश, सूखा, समुद्री तापमान में वृद्धि और ध्रुवीय बर्फ के तेजी से पिघलने जैसी घटनाएं जलवायु संकट को और गंभीर बना रही हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार समुद्रों का बढ़ता तापमान और अल नीनो के संकेत आने वाले महीनों में मौसम को और अधिक चरम बना सकते हैं। वैज्ञानिकों ने देशों से कार्बन उत्सर्जन कम करने और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।





