‘किस तरह अहम मुद्दों पर चर्चा बाधित की जा रही, देश की जनता सब देख रही है’, बिरला की विपक्ष को फटकार

नई दिल्ली:  संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने राजनीतिक दलों से अपने बर्ताव पर नियंत्रण रखने का आह्वान किया। बिरला ने कहा कि संसद के अंदर और बाहर सांसदों की भाषा गरिमामय होनी चाहिए। लोकसभा स्पीकर ने सांसदों को लताड़ लगाते हुए कहा कि सदन में विपक्ष का आचरण लोकतंत्र के मूल्यों के अनुरूप नहीं रहा। ये संसद की गरिमा के अनुसार नहीं है। देश की जनता देख रही है कि किस तरह से अहम मुद्दों पर चर्चा को बाधित किया जा रहा है।

37 घंटे ही चर्चा हो सकी
उन्होंने बताया कि इस सत्र में 419 सवाल किए गए, जिसमें से सिर्फ 55 के मौखिक उत्तर दिए जा सके। पूरे सत्र के दौरान चर्चा का समय 120 घंटे निर्धारित किया गया था, लेकिन 37 घंटे ही चर्चा हो सकी। लोकसभा में 12 विधेयक पारित हुए।

‘यह सभी के लिए आत्मचिंतन का समय’
इससे पहले गुरुवार को सुबह 11 बजे शुरू हुई लोकसभा की कार्यवाही तुरंत ही स्थगित कर दी गई। इसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे फिर शुरू हुई, जिसमें ओम बिरला ने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि पूरे सत्र के दौरान बार-बार कार्यवाही बाधित करने के प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि यह सभी के लिए आत्मचिंतन का समय है, क्योंकि महीने भर चले सत्र के दौरान ज्यादा चर्चा नहीं हो सकी।

ओम बिरला ने क्या कहा?

  • उन्होंने आगे कहा, ‘सदन के अंदर और संसद परिसर में की जा रही नारेबाजी और सुनियोजित व्यवधान हमारी परंपरा नहीं है। विशेषकर इस सत्र में जिस भाषा का प्रयोग किया गया है, वह सदन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। हमें स्वस्थ परंपराओं का पालन करना चाहिए। सदन के अंदर गरिमापूर्ण चर्चा के प्रयास होने चाहिए। मैं लगातार सुनियोजित विरोध और नारेबाजी देख रहा हूं। मैं आपसे अनुरोध करना चाहता हूं कि हमें इससे बचने का प्रयास करना चाहिए। संसद के अंदर और बाहर हमारी भाषा अनुशासित और गरिमामय होनी चाहिए।’
  • सदन में गरिमा बनाए रखने का आह्वान दोहराते हुए बिरला ने कहा, ‘सहमति और असहमति लोकतंत्र की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन हमारा सामूहिक प्रयास यह होना चाहिए कि हम संसद की गरिमा, शांति और मर्यादा बनाए रखें। मैंने प्रत्येक सदस्य को पर्याप्त समय और अवसर दिया है, लेकिन आप जिस तरह का व्यवहार कर रहे हैं, वह देश देख रहा है। मैं एक बार फिर सभी सदस्यों से अनुरोध करता हूं कि हमें अपनी लोकतांत्रिक संस्था के भीतर परंपराओं को लागू करने का प्रयास करना चाहिए। इसके अलावा मैं प्रधानमंत्री, मंत्रिपरिषद, लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और विपक्षी सदस्यों का आभार व्यक्त करता हूं।’

रोज कार्यवाही बाधित करता रहा विपक्ष
यह सत्र 21 जुलाई को शुरू हुआ था, जिसमें पूरा विपक्ष बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की मांग को लेकर रोज कार्यवाही बाधित करता रहा। अपने समापन भाषण के बाद बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी।

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