FMGE जून 2026 विवाद: विशेषज्ञ समिति की जांच पूरी, नतीजों में बदलाव का आधार नहीं मिला

एफएमजीई जून 2026 परीक्षा में ग्रेस मार्क्स देने की मांग को लेकर चल रहे विवाद पर एनबीईएमएस की विशेषज्ञ समिति ने अपनी जांच पूरी कर ली है। समिति की समीक्षा में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि वीडियो आधारित प्रश्नों या कुछ परीक्षा केंद्रों की समस्याओं का उम्मीदवारों के परिणामों पर व्यापक असर पड़ा हो।

वीडियो प्रश्नों और परीक्षा केंद्रों की हुई जांच

कुछ अभ्यर्थियों ने परीक्षा में शामिल वीडियो आधारित प्रश्नों को लेकर आपत्ति जताई थी। वहीं, कुछ केंद्रों पर गर्मी, वेंटिलेशन और अन्य सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई थीं। इन मुद्दों को देखते हुए एनबीईएमएस ने विशेषज्ञ समिति गठित कर पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई।

समिति ने प्रश्नपत्र की कठिनाई, वीडियो आधारित सवालों, परीक्षा केंद्रों की स्थिति और उम्मीदवारों के प्रदर्शन का विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि परीक्षा की समग्र कठिनाई पिछले सत्रों के लगभग समान रही।

14 वीडियो प्रश्न हटाने पर भी नहीं बदला परिणाम

समिति ने यह भी समीक्षा की कि यदि विवादित 14 वीडियो आधारित प्रश्नों को अलग कर दिया जाए तो क्या परिणामों में कोई बड़ा बदलाव आता है। जांच में पास प्रतिशत में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, उम्मीदवारों का प्रदर्शन वीडियो आधारित प्रश्नों में परीक्षा के औसत प्रदर्शन से बेहतर रहा।

ग्रेस मार्क्स देने का नहीं मिला आधार

जिन परीक्षा केंद्रों पर गर्मी और वेंटिलेशन की समस्या की शिकायत की गई थी, वहां के परीक्षा परिणामों की भी विशेष रूप से जांच की गई। समिति को इन केंद्रों के नतीजों में ऐसा कोई बड़ा अंतर नहीं मिला, जिससे ग्रेस या क्षतिपूर्ति अंक देने को उचित ठहराया जा सके।

भविष्य की परीक्षाओं में हो सकते हैं बड़े बदलाव

हालांकि समिति ने उम्मीदवारों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए भविष्य की परीक्षाओं के लिए कई सुधारों की सिफारिश की है। इनमें परीक्षा से पहले मल्टीमीडिया प्रश्नों की स्पष्ट जानकारी देना, परीक्षा केंद्रों की सुविधाएं बेहतर करना और उम्मीदवारों को उनके उत्तर व अंक उपलब्ध कराकर पारदर्शिता बढ़ाना शामिल है।

समिति ने एफएमजीई परीक्षा साल में कम से कम तीन बार कराने, परीक्षा शुल्क की समीक्षा करने और प्रश्नपत्र में आसान सवालों की संख्या बढ़ाने जैसे सुझाव भी दिए हैं।

फिलहाल साफ है कि एफएमजीई जून 2026 के नतीजों में बदलाव या उम्मीदवारों को ग्रेस मार्क्स देने के लिए विशेषज्ञ समिति को कोई ठोस आधार नहीं मिला है।

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