DL बनवाना और अपडेट कराना होगा आसान? सरकार ने प्रस्तावित किए नए नियम, ऑनलाइन सेवाओं पर मिलेगी राहत

देश में ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने, नवीनीकरण कराने और उसमें बदलाव करने की प्रक्रिया में बड़े सुधार की तैयारी है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन के लिए एक मसौदा जारी किया है। इसमें भारतीय और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंगों वाले ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके अलावा लाइसेंस पर ब्लड ग्रुप, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क नंबर दर्ज करना भी अनिवार्य करने की योजना है।
मंत्रालय ने प्रस्तावित बदलावों पर आम जनता और संबंधित पक्षों से 30 दिनों के भीतर सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं। फिलहाल ये बदलाव प्रस्तावित हैं और इन्हें लागू करने के लिए अंतिम अधिसूचना जारी होना बाकी है।
भारतीयों और विदेशियों के लिए अलग होंगे लाइसेंस
मसौदे के अनुसार, फॉर्म-7 के तहत जारी होने वाले ड्राइविंग लाइसेंस लैमिनेटेड या पॉलीविनाइल क्लोराइड (PVC) कार्ड के रूप में होंगे। भारतीय नागरिकों और विदेशी नागरिकों के लिए अलग-अलग रंग और प्रारूप निर्धारित करने का प्रस्ताव है। इससे लाइसेंस की पहचान करना आसान हो सकता है।
इसके साथ ही, प्रत्येक ड्राइविंग लाइसेंस पर कार्डधारक का रक्त समूह, मोबाइल नंबर और आपातकालीन संपर्क नंबर दर्ज करना अनिवार्य करने की योजना है। इसका उद्देश्य जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति तक संपर्क करना और आपातकालीन स्थिति में सहायता पहुंचाना है।
नाम-पता बदलने के लिए 15 दिन की समयसीमा
ड्राइविंग लाइसेंस में नाम या पता बदलवाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भी कई प्रस्ताव रखे गए हैं। मसौदे के अनुसार, लाइसेंसिंग अधिकारियों को ऐसे आवेदनों का निपटारा 15 दिनों के भीतर करना होगा। यदि किसी आवेदन को खारिज किया जाता है, तो उसका स्पष्ट कारण बताना होगा।
इसके अलावा नाम और पता बदलने के लिए लगने वाले शुल्क को समाप्त करने का प्रस्ताव है। आधार प्रमाणीकरण के जरिए पूरी की जाने वाली कुछ ऑनलाइन सेवाओं पर भी शुल्क माफ करने की योजना बनाई गई है।
हलफनामे की अनिवार्यता खत्म करने का प्रस्ताव
मंत्रालय ने लाइसेंस से जुड़ी प्रक्रियाओं में कागजी कार्रवाई कम करने के लिए कार्यपालक मजिस्ट्रेट या नोटरी के समक्ष हलफनामा देने की अनिवार्यता समाप्त करने का प्रस्ताव रखा है।
मसौदे में आयु, पहचान और निवास के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, ई-राशन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेजों को स्वीकार करने की बात कही गई है। इसके अलावा कुछ अन्य दस्तावेजों को भी मान्य करने का प्रस्ताव है।
इन बदलावों से आवेदन प्रक्रिया सरल बनाने और लोगों को बार-बार परिवहन कार्यालय के चक्कर लगाने से राहत देने का लक्ष्य है।
ड्राइविंग टेस्ट के नियम भी होंगे सख्त
मसौदे में सुरक्षित ड्राइविंग से जुड़े ऑनलाइन ट्यूटोरियल और मूल्यांकन के मानकों को सख्त करने का प्रस्ताव है। इसके तहत ट्यूटोरियल की अवधि कम से कम 30 मिनट निर्धारित करने और इसे पास करने के लिए न्यूनतम अंक 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने की योजना है।
इसका उद्देश्य आवेदकों को सड़क सुरक्षा के नियमों और जिम्मेदार ड्राइविंग के प्रति अधिक जागरूक बनाना है। हालांकि, इन बदलावों को अंतिम रूप दिए जाने के बाद ही स्पष्ट होगा कि नए मानक किस तारीख से लागू होंगे।
आम लोगों को क्या होगा फायदा?
प्रस्तावित बदलाव लागू होने पर ड्राइविंग लाइसेंस में नाम-पता बदलवाने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। ऑनलाइन सेवाओं पर शुल्क में छूट मिलने से लोगों का खर्च भी कम हो सकता है। वहीं, आपातकालीन संपर्क नंबर और रक्त समूह दर्ज होने से जरूरत के समय मदद पहुंचाने में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
दूसरी ओर, ट्यूटोरियल में पासिंग मार्क्स बढ़ाने से आवेदकों को सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों की बेहतर जानकारी हासिल करनी होगी। फिलहाल मंत्रालय ने मसौदे पर सुझाव आमंत्रित किए हैं। अंतिम नियम और उनकी प्रभावी तारीख अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।





