क्या जेलेंस्की से राष्ट्रपति पद छीनना चाहता था ट्रंप प्रशासन, अमेरिका में कौन-कैसे कर रहा था तैयारी?

रूस-यूक्रेन के बीच संघर्ष बीते करीब साढ़े तीन साल से ज्यादा समय से जारी है। इस पूरे दौर में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने अपने देश और सेना के नेतृत्व में पूरी ताकत झोंकी है। हालांकि, रूस से संघर्ष के चलते यूक्रेन में चुनाव टले हैं और इनके आगे भी जल्द होने की संभावना नहीं है। यानी जेलेंस्की आने वाले कुछ और दिन यूक्रेन में अपने शीर्ष पद पर काबिज रहेंगे। हालांकि, रूस ने किसी भी शांति समझौते में जेलेंस्की के शामिल रहने पर आपत्ति जताई है। रूस ने यूक्रेन में चुनाव न होने की वजह से जेलेंस्की को अलोकतांत्रिक नेता करार दिया है और देश में जल्द चुनाव कराने की मांग की है।
चौंकाने वाली बात यह है कि जहां मौजूदा समय में अमेरिका और यूरोपीय संघ के देश रूस-यूक्रेन के राष्ट्राध्यक्षों के बीच बैठक कराने पर जोर दे रहे हैं, वहीं महज चार से छह महीने पहले स्थिति बिल्कुल अलग थी। सिर्फ रूस ही नहीं उस वक्त अमेरिका और उसके कुछ साथी देश भी जेलेंस्की को यूक्रेन के राष्ट्रपति पद से हटाने की कोशिश में जुट गए थे। इसके लिए अमेरिका के उपराष्ट्रपति तक ने प्रयास किए। हालांकि, वे जिस अधिकारी के जरिए जेलेंस्की का तख्तापलट कराने की योजना बना रहे थे, उसने खुद अमेरिका और पश्चिमी देशों के प्लान को धराशायी कर दिया।
ऐसे में यह जानना अहम है कि आखिर अमेरिका और उसके सहयोगी देश जेलेंस्की को यूक्रेन के राष्ट्रपति पद से हटाने के लिए क्यों अमादा थे? यूक्रेनी राष्ट्रपति पद पर जिसे अमेरिका बिठाना चाहता था, वह शख्स आखिर कौन है? कैसे ट्रंप प्रशासन की जेलेंस्की को हटाने की योजना धरी की धरी रह गई? और यूक्रेन का राजनीतिक भविष्य आगे क्या हो सकता है?





