कांग्रेस फिर बोली- जवाबदेही से भाग रहा आयोग; CEC ज्ञानेश कुमार के जवाब पर विपक्ष का पलटवार

 नई दिल्ली; वोट चोरी और बिहार मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग के जवाब पर विपक्षी गठबंधन इंडिया ने पलटवार किया है। कांस्टीट्यूशन क्लब में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, सपा, डीएमके, राजद जैसे आठ प्रमुख विपक्षी दलों के प्रतिनिधियों ने बैठक के बाद प्रेस वार्ता की। इसमें कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि चुनाव आयोग अपनी जवाबदेही से भाग रहा है। वहीं सपा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा कि चुनाव आयोग राहुल गांधी से बार-बार हलफनामा मांग रहा है, लेकिन हम 2022 में ही कई बार चुनाव आयोग को शिकायत के साथ हलफनामा दे चुके हैं। मगर आयोग ने कोई कार्रवाई नहीं की। आयोग हमारी शिकायतों को नजरअंदाज करता है।

कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा कि मतदान का अधिकार संविधान द्वारा आम नागरिक को दिया गया सबसे महत्वपूर्ण अधिकार है। लोकतंत्र इसी पर निर्भर करता है। चुनाव आयोग इसकी रक्षा के लिए बना निकाय है। मगर चुनाव आयोग विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देने में असमर्थ है, अपनी जिम्मेदारी से भाग रहा है। महाराष्ट्र में मतदाता सूची में नाम बढ़ाए गए हैं। कर्नाटक के महादेवपुरा में मतदाता सूची में विसंगतियां हैं। जबकि वीडियो डाटा हटाने पर चुनाव आयोग चुप है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग उन अधिकारियों के हाथों में है जो विपक्ष द्वारा लगाए गए किसी भी आरोप की जांच नहीं कर रहे हैं।

गौरव गोगोई ने कहा कि कल अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव आयोग (EC) ने राजनीतिक दलों पर सवाल उठाए, जब उन्हें यह बताना पड़ा कि वे जल्दबाजी में एसआईआर क्यों करा रहे हैं? चुनाव आयोग बिहार में एसआईआर पर चुप रहा। वे इस बात पर भी चुप रहे कि लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के बीच 70 लाख नए मतदाता कैसे जुड़े?

समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने कहा कि चुनाव आयोग राहुल गांधी से बार-बार हलफनामा मांग रहा है, लेकिन 2022 के यूपी चुनावों में जब अखिलेश यादव ने कहा कि सपा समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, तो हमने हलफनामा दिया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। चुनाव आयोग का यह कहना कि निराधार शिकायतें की जा रही हैं। कोई हलफनामा नहीं दिया गया है। यह गलत है। यूपी में वोट काटने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। यह सब सोची-समझी रणनीति के तहत किया जाता है और चुनाव आयोग हमारी शिकायतों को नजरअंदाज़ करता है। यह एक गंभीर मुद्दा है।

Related Articles

Back to top button