सीएम रेवंत रेड्डी की केंद्र सरकार से मांग, कहा- राज्य के पिछड़ा वर्ग आरक्षण विधेयक को दी जाए मंजूरी

हैदराबाद: तेलंगाना के सीएम ए रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार से राज्य के पिछड़ा वर्ग आरक्षण विधेयक को मंजूरी देने की मांग की है। गोलाकुंडा में स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण के बाद सीएम ने कहा कि राज्य विधानसभा ने स्थानीय निकायों, शिक्षा और नौकरियों में पिछड़े वर्गों को 42 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए दो विधेयक पारित किए हैं। उन्हें राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा गया है। सीएम ने कहा कि मैं एक बार फिर केंद्र सरकार से लंबित विधेयकों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग करता हूं। राज्य में कराया गया जातिगत सर्वेक्षण और अनुसूचित जाति वर्गीकरण भारत के इतिहास में राज्य सरकार का साहसिक निर्णय है।
सीएम रेड्डी ने कहा कि हमारी सरकार का ‘तेलंगाना राइजिंग 2047’ विजन, जिसका उद्देश्य राज्य को 2035 तक एक ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर और 2047 तक तीन ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है, केवल एक योजना नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय प्रगति में अपने समृद्ध योगदान से राज्य को गौरवान्वित करने का संकल्प है। यह बापू घाट पर गांधी सरोवर परियोजना, ग्रीनफील्ड राजमार्गों, शुष्क बंदरगाहों, मेट्रो रेल चरण- II, बाहरी और क्षेत्रीय रिंग रोड के बीच रेडियल सड़कों, वारंगल और आदिलाबाद हवाई अड्डों, हैदराबाद-नागपुर, हैदराबाद-बंगलूरू और हैदराबाद-विजयवाड़ा औद्योगिक गलियारों के निर्माण के साथ तेलंगाना की छवि को मौलिक रूप से बदलने की योजना है।
उन्होंने कहा कि विजन दस्तावेज में राज्य की राजधानी में मुसी नदी पुनरुद्धार परियोजना के माध्यम से हैदराबाद की बाढ़ समस्या के स्थायी समाधान का वादा किया गया है। साथ ही राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित फ्यूचर सिटी, जो अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बनाई गई है, आधुनिक विश्व का प्रवेश द्वार होगी।
तेलंगाना को विश्व का नंबर एक राज्य बनाना लक्ष्य: सीएम
सीएम रेड्डी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य लोगों के सहयोग से तेलंगाना को विश्व मंच पर नंबर एक राज्य बनाना है। वैश्विक मंच पर तेलंगाना की ताकत और ब्रांड हैदराबाद है। हमारी सरकार इस ब्रांड को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।





