लोकतंत्र वाले बयान पर बवाल, भाजपा बोली– राहुल भारत की जनता का अपमान कर रहे

कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के कोलंबिया में दिए गए लोकतंत्र संबंधी बयान पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने अमेरिका में कहा था कि भारत के सामने सबसे बड़ा खतरा लोकतंत्र पर हो रहे हमले का है। इस पर भाजपा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी हमेशा विदेश जाकर भारत की छवि खराब करते हैं और देश की प्रगति को नकारते हैं।

भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी का हमला
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी लगातार भारत-विरोधी बयान देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी-वाड्रा परिवार ने 70 साल तक देश को गरीबी और पिछड़ेपन में रखा। भंडारी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत चार ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनकर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना है, तब राहुल गांधी जलन और नफरत में लोकतंत्र और विकास पर सवाल उठा रहे हैं।

‘विदेश जाकर बदनाम करना आदत बन गई’ – मेघवाल
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने भी राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें आदत हो गई है कि विदेश जाकर भारत के लोकतांत्रिक संस्थानों को बदनाम करें। उन्होंने कहा कि देश की जनता इस तरह के व्यवहार को कभी स्वीकार नहीं करेगी।

‘भारत की ताकत राहुल को हजम नहीं हो रही’ – जवाहर सिंह
राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेधम ने कहा कि राहुल गांधी का स्वभाव ही ऐसा है, वे अपनी पार्टी के स्वयंभू युवराज हैं और हमेशा भारत की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासन में फैसले विदेशी दबाव में लिए जाते थे। बेधम ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की बात सुन रही है, और यही बात राहुल गांधी को हजम नहीं हो रही।

कोलंबिया में क्या बोले राहुल गांधी?
दक्षिण अमेरिकी देश कोलंबिया की ईआईए यूनिवर्सिटी में छात्रों को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत के सामने सबसे बड़ा खतरा लोकतंत्र पर हो रहे हमले का है। उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी भाषाई, धार्मिक और सांस्कृतिक विविधता है, और अगर इस विविधता को दबाया गया तो देश में गहरी दरारें पैदा होंगी।

राहुल गांधी ने चीन की तुलना में कहा कि चीन केंद्रीकृत और तानाशाही ढांचे पर चलता है, जबकि भारत की ताकत उसका लोकतांत्रिक ढांचा है। उन्होंने वैश्विक राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सुपरपावर बनने का रास्ता ऊर्जा बदलाव से होकर गुजरता है और भारत की सबसे बड़ी चुनौती रोजगार सृजन और उत्पादन आधारित अर्थव्यवस्था का विकास है।

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