राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला, MNC जैसा होगा सिस्टम; ट्रस्टी बोले- IAS अफसर नहीं, प्रोफेशनल टीम चाहिए

राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, अब CEO संभालेगा संचालन; IAS नहीं, रिटायर्ड प्रोफेशनल को मिलेगी जिम्मेदारी
अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कामकाज में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि अब मंदिर और उससे जुड़े सभी प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के हाथों में होगी।
ट्रस्टियों ने तय किया है कि CEO पद पर किसी कार्यरत IAS अधिकारी की नियुक्ति नहीं की जाएगी। इसके बजाय किसी अनुभवी रिटायर्ड अधिकारी या प्रोफेशनल को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट भविष्य में अपने संचालन को मल्टीनेशनल कंपनी (MNC) की तर्ज पर प्रोफेशनल तरीके से चलाना चाहता है। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों और प्रोफेशनल स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।
बताया जा रहा है कि ट्रस्ट के कुछ सदस्यों का मानना है कि यदि किसी कार्यरत IAS अधिकारी को CEO बनाया गया, तो सरकार का हस्तक्षेप बढ़ सकता है। इसी वजह से ट्रस्ट स्वतंत्र और प्रोफेशनल मैनेजमेंट मॉडल अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।





