STF की बड़ी कार्रवाई: साइबर फ्रॉड का मास्टरमाइंड दबोचा, फर्जी कंपनियों से लगाता था लाखों की चपत

उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की साइबर क्राइम पुलिस ने 24.95 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में अंतरराज्यीय गिरोह के एक प्रमुख आरोपी को पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जियाउर गाजी (40) के रूप में हुई है, जो साइबर ठगों के लिए बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराता था।
पुलिस के अनुसार, देहरादून के एक कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर अपराधियों ने उनका मोबाइल फोन हैक कर ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदल दिए। इसके बाद उनकी कंपनी के बैंक खाते से 24.95 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली गई। मामले में बीएनएस और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।
तकनीकी जांच और बैंक खातों के विश्लेषण के आधार पर एसटीएफ की टीम ने पश्चिम बंगाल के हाबरा बाजार क्षेत्र से आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह अपने और अन्य लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर गिरोह को उपलब्ध कराता था। उसने “गाजी इंटरप्राइजेज” के नाम से फर्जी फर्म बनाकर कई बैंक खाते भी खुलवाए थे, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को निकालने और आगे गिरोह तक पहुंचाने में किया जाता था।
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम पहले आईडीबीआई बैंक के खाते में पहुंची, जहां से उसे अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर चेक और एटीएम के जरिए निकाला गया। एसटीएफ ने आरोपी के कब्जे से दो डेबिट कार्ड, तीन मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है।





