राम मंदिर चढ़ावा चोरी की विस्तृत जांच पूरी होने के करीब, एएसपी संभाल रहे विवेचना; 10 दिन में रिपोर्ट

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब अंतिम दौर में पहुंच गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित एसआईटी की निगरानी में मामले की विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है। अब अपर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार सिंह को मुख्य विवेचक बनाया गया है। वहीं, अब तक मामले की विवेचना कर रहे सीओ अयोध्या आशुतोष तिवारी को सह विवेचक की जिम्मेदारी दी गई है।
एएसपी को सौंपी गई मुख्य विवेचना
मामले में 25 जून को एफआईआर दर्ज कर आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। एफआईआर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं भी शामिल थीं। इसके चलते मामले की विवेचना सीओ अयोध्या को सौंपी गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुरूप एएसपी रितेश कुमार सिंह मुख्य विवेचक की भूमिका निभाएंगे।
आईजी की अध्यक्षता में एसआईटी कर रही निगरानी
विवेचना की निगरानी आईजी रेंज लखनऊ किरन एस की अध्यक्षता में गठित एसआईटी कर रही है। इस टीम में अयोध्या के डीआईजी सोमन बर्मा, एसएसपी गौरव ग्रोवर और बाराबंकी के एएसपी रितेश कुमार सिंह शामिल हैं।
अंतिम दौर में पहुंची पहली एसआईटी की जांच
लखनऊ मंडलायुक्त के नेतृत्व में गठित पहली एसआईटी की विस्तृत जांच भी अंतिम चरण में है। इस टीम ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट शासन को सौंपी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार रिपोर्ट करीब 10 दिन में आने की उम्मीद है।
बढ़ सकते हैं आरोपियों के नाम
फिलहाल मामले में आठ नामजद आरोपियों को ही गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अज्ञात आरोपियों के नाम अभी सामने नहीं आए हैं। हालांकि, जांच के दौरान एक बड़े नाम का जिक्र सामने आने की बात कही जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, आगे जांच में एक-दो और नाम मुकदमे में जोड़े जा सकते हैं।
दो एसआईटी की अलग-अलग जिम्मेदारी
दूसरी एसआईटी का गठन होने के बाद भी पहली एसआईटी की जांच जारी है। पहली टीम की जिम्मेदारी घटना से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तृत जांच करना है, जबकि दूसरी एसआईटी का मुख्य काम मामले की विवेचना को प्रभावी तरीके से आगे बढ़ाना है। दोनों स्तरों पर जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।





