एक्सक्लूसिव: पार्टी के लिए खून-पसीना बहाया, राजनीति में हर तरीका सही नहीं; त्रिवेंद्र ने खोले दिल के राज

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र और राजनीतिक मर्यादा को लेकर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी को खून-पसीने से सींचा है और अगर कोई गलत काम करता है, तो उसे गलत कहना जरूरी है। उनके मुताबिक, किसी को सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए आगाह करना पार्टी के हित में है। ऐसा नहीं करने पर आंतरिक लोकतंत्र कैसे बचेगा?
अमर उजाला डिजिटल की विशेष सीरीज ‘शतरंज’ में संपादक अनूप वाजपेयी से बातचीत के दौरान त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड के विकास, धामी सरकार के कामकाज, युवाओं के आक्रोश और अपने लोकसभा क्षेत्र हरिद्वार की राजनीतिक परिस्थितियों पर भी विचार रखे।
‘राजनीति में गलत को गलत कहना जरूरी’
अपने बयानों को पार्टी के खिलाफ समझे जाने के सवाल पर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि ऐसा सोचने वालों को अपनी सोच पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पार्टी के लिए लंबे समय तक मेहनत की है। ऐसे में अगर कोई गलत काम करता है, तो उसे गलत कहना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई सही दिशा में नहीं जा रहा है, तो उसे आगाह किया जाना चाहिए। ऐसा नहीं करने पर पार्टी के भीतर आंतरिक लोकतंत्र बनाए रखना मुश्किल होगा। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई जानबूझकर उनके बयान की गलत व्याख्या करता है, तो उसके बारे में कुछ नहीं किया जा सकता।
धामी सरकार के पांच साल के कामकाज को बताया अच्छा
पूर्व मुख्यमंत्री ने धामी सरकार के कार्यकाल को अच्छा बताते हुए कहा कि उत्तराखंड में 2017 से भाजपा सरकार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पिछली सरकारों के विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।
त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, होम स्टे और एडवेंचर टूरिज्म जैसी पहलों का जिक्र किया। उन्होंने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने और करीब 36 हजार लोगों को सरकारी नौकरी दिए जाने को भी सरकार की उपलब्धियों में गिनाया।
उत्तराखंड में राजनीतिक अस्थिरता पर जताई चिंता
राज्य गठन के 25 साल पूरे होने पर विकास की दिशा से जुड़े सवाल पर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड में विकास हुआ है। रोजगार के अवसर बढ़े हैं और प्रति व्यक्ति आय के साथ बजट में भी प्रगति हुई है।
हालांकि, उन्होंने राज्य में राजनीतिक अस्थिरता के माहौल को चिंताजनक बताया। उनका कहना था कि लोकतंत्र में चुने गए जनप्रतिनिधियों का प्रभाव विकास, समाज और नई पीढ़ी पर पड़ता है। जनता को यह अधिकार है कि वह अगली बार बेहतर प्रतिनिधि का चुनाव करे।
युवाओं के आंदोलन और अराजकता पर कही यह बात
युवाओं में बढ़ते आक्रोश से जुड़े सवाल पर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन इन्हें मारपीट या अराजकता का माध्यम नहीं बनना चाहिए। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने राजनीतिक गतिविधियों के दौरान हुई कुछ घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि अराजकता फैलाने वालों को नियंत्रित करना जरूरी है।
हरिद्वार में भाजपा की संभावनाओं पर जताया भरोसा
अपने लोकसभा क्षेत्र हरिद्वार की राजनीतिक परिस्थितियों पर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि हर क्षेत्र का अपना सामाजिक और राजनीतिक समीकरण होता है। विपक्ष हरिद्वार को अपने अनुकूल मानता है, लेकिन भाजपा भी वहां जीत हासिल कर सकती है।
उन्होंने कहा कि साफ छवि वाले प्रत्याशी, मेहनत, विनम्र व्यवहार और जनता के मिजाज को समझना चुनाव में सफलता के लिए जरूरी है। जनप्रतिनिधियों को जनता का सेवक बताते हुए उन्होंने कहा कि अहंकार छोटी बात को भी बड़ा बना सकता है। सही रणनीति और अच्छे प्रत्याशियों के दम पर पार्टी हरिद्वार की कई और सीटों पर जीत हासिल कर सकती है।





