चाइनीज मांझे पर हाईकोर्ट में फिर सुनवाई आज, ऑनलाइन उपलब्धता रोकने को लेकर केंद्र से सवाल

उत्तर प्रदेश में खतरनाक चाइनीज मांझे से होने वाली मौतों और लोगों के घायल होने के मामलों को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में सोमवार को अहम सुनवाई होगी। मामले में केंद्र सरकार ऑनलाइन चाइनीज मांझे की उपलब्धता को लेकर अपना जवाब पेश करेगी।
न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ के समक्ष यह मामला सूचीबद्ध है। इससे पहले कोर्ट ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खतरनाक मांझे की उपलब्धता रोकने के संबंध में केंद्र सरकार से जवाब मांगा था।
2018 में दाखिल हुई थी जनहित याचिका
खतरनाक मांझे पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग को लेकर वर्ष 2018 में स्थानीय अधिवक्ता ने जनहित याचिका दाखिल की थी। याचिका में मांझे के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर सख्त प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है।
इससे पहले हुई सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार की ओर से पेश जवाब पर याचिकाकर्ता को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया था।
अधिकारियों से भी मांगा गया था जवाब
मई में हुई सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रदेश में खतरनाक मांझे से होने वाली मौतों और हादसों को लेकर कई वरिष्ठ अधिकारियों से जानकारी मांगी थी। कोर्ट ने गृह और कर विभाग के अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक तथा औद्योगिक विकास और पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश होने का निर्देश दिया था।
अधिकारियों से पूछा गया था कि पहले के आदेशों के तहत खतरनाक मांझे के उत्पादन, बिक्री और इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं और इसके लिए क्या कार्यप्रणाली तय की गई है।
अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के सामने पेश हुए थे और मांगी गई जानकारी उपलब्ध कराई थी। अब सोमवार की सुनवाई में ऑनलाइन उपलब्धता को लेकर केंद्र सरकार के जवाब पर भी नजर रहेगी।





